B.Tech की डिग्री और नौकरी छोड़कर लौटे गांव, बैंगन की खेती से गोंडा के तरुण कुमार कमा रहे लाखों उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
गोंडा के तरुण कुमार तिवारी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई और निजी नौकरी छोड़कर खेती को करियर बनाया और आज लगभग एक बीघा में आधुनिक तरीके से बैंगन उगाकर लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं।

आधुनिक तकनीक के सहारे की जा रही खेती ने कई किसानों की तकदीर बदल दी है और वे अब अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। ऐसी ही एक मिसाल गोंडा जिले के तरुण कुमार तिवारी हैं, जिन्होंने B.Tech की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने गांव लौटकर खेती शुरू की और आज दूसरे किसानों को भी राह दिखा रहे हैं।

आमतौर पर इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद युवा किसी अच्छी नौकरी की तलाश में जुट जाते हैं, लेकिन तरुण ने इससे हटकर रास्ता चुना। डिग्री हासिल करने और कुछ समय तक नौकरी करने के बाद उन्होंने खेती को ही अपना पेशा बनाने का फैसला किया। फिलहाल वे आधुनिक ढंग से बैंगन की खेती कर बेहतर कमाई कर रहे हैं और आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

नौकरी के दौरान जागा खेती का जुनून

तरुण कुमार तिवारी बताते हैं कि पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने नौकरी तो की, लेकिन उनका मन हमेशा खेती की ओर खिंचा रहता था। नौकरी के दौरान ही उन्हें यह एहसास हुआ कि अगर खेती को वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों के साथ किया जाए तो इससे भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने नौकरी छोड़ दी और गांव लौटकर खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाने का निर्णय लिया।

क्या है शैक्षिक योग्यता

बातचीत में तरुण बताते हैं कि उन्होंने B.Tech तक पढ़ाई की और इसके बाद एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे थे। फिर नौकरी छोड़कर वे अपने घर आ गए और अपनी जमीन पर खेती-किसानी करने लगे। शुरुआत में वे पारंपरिक खेती करते रहे, लेकिन बाद में सब्जी की खेती की ओर रुख किया और इस समय लगभग एक बीघा में बैंगन की खेती कर रहे हैं।

कहां से मिला खेती का आइडिया

खेती शुरू करने से पहले तरुण ने अलग-अलग फसलों के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने कृषि विशेषज्ञों और संबंधित संस्थान से सलाह ली तथा बाजार की मांग को भी समझा। इसके बाद उन्होंने बैंगन की खेती करने का निश्चय किया। उन्होंने खेत को अच्छी तरह तैयार किया और उन्नत किस्म के बीजों का चयन किया। साथ ही सिंचाई, खाद और कीट प्रबंधन पर भी खास ध्यान दिया।

कितने बीघा में हो रही खेती

तरुण कुमार तिवारी के मुताबिक, इस समय वे लगभग एक बीघा में बैंगन उगा रहे हैं और आगे इसका दायरा और बढ़ाने की योजना है, क्योंकि बैंगन की खेती से उन्हें अच्छी-खासी आमदनी हो रही है। वे बताते हैं कि इस खेती में नियमित देखभाल जरूरी होती है और पौधों की समय-समय पर निगरानी करनी पड़ती है, ताकि किसी बीमारी या कीट का असर न पड़े। उन्होंने ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया, जिससे पानी की बचत होती है और पौधों को जरूरत के मुताबिक नमी मिलती रहती है।

खेती से अच्छी कमाई संभव

उनकी मेहनत का नतीजा यह रहा कि बैंगन की फसल अच्छी हुई और बाजार में भी बेहतर दाम मिला। आज वे हर सीजन में अच्छी मात्रा में बैंगन का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उन्हें लाखों रुपये की आय हो रही है। खेती से होने वाली इस कमाई ने उन्हें यह भरोसा दिलाया कि सही योजना और मेहनत के साथ की जाए तो खेती भी एक फायदेमंद व्यवसाय बन सकती है।

तरुण का मानना है कि आज के युवाओं को खेती को सिर्फ पारंपरिक काम नहीं समझना चाहिए। आधुनिक तकनीक, नई जानकारी और सही प्रबंधन के जरिए इसमें भी बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। उनका कहना है कि पढ़े-लिखे युवाओं के खेती से जुड़ने पर कृषि क्षेत्र और मजबूत होगा।

दूसरे किसानों को देते हैं जानकारी

आज तरुण की खेती देखकर आसपास के कई किसान प्रेरित हो रहे हैं। वे समय-समय पर अन्य किसानों को भी आधुनिक खेती की जानकारी देते रहते हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, सही सोच और नई तकनीकों के सहारे खेती में भी शानदार कामयाबी पाई जा सकती है। B.Tech के बाद नौकरी छोड़कर खेती अपनाने वाला यह युवा आज लाखों रुपये कमा रहा है और ग्रामीण युवाओं के लिए एक मिसाल बन गया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!