सातवें वेतन आयोग पर बड़ा ऐलान: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होगी भारी बढ़ोतरी व्यापार एक दिन पहले 8
पश्चिम बंगाल सरकार ने सातवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य के लाखों कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में ढाई गुना तक का उछाल आने की संभावना है।

सातवें वेतन आयोग को हरी झंडी

पश्चिम बंगाल के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने राज्य में सातवें वेतन आयोग के गठन को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद राज्य के सरकारी महकमे में खुशी का माहौल है। कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस निर्णय की जानकारी राज्य मंत्री अग्निमित्रा पाल ने दी है। यह कदम राज्य सरकार के कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रयास माना जा रहा है।

सैलरी कैलकुलेशन और फिटमेंट फैक्टर

इस नए बदलाव के बाद कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। जानकारों के मुताबिक, सरकार 2.5 के फिटमेंट फैक्टर को लागू कर सकती है, जिससे वेतन में सीधे ढाई गुना तक की बढ़ोतरी संभव है। वर्तमान में राज्य में छठा वेतन आयोग लागू है, जिसके तहत कर्मचारियों को रोपा 2019 के नियमों के अनुसार वेतन दिया जा रहा है। मौजूदा व्यवस्था में न्यूनतम बेसिक सैलरी 17,000 रुपये है, जो नए आयोग के बाद बढ़कर 42,500 रुपये तक पहुंच सकती है।

वेतन स्तर पर पड़ेगा सीधा असर

इस वेतन आयोग के लागू होने से अलग-अलग पे-लेवल पर काम कर रहे कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। वेतन वृद्धि का अनुमानित विवरण इस प्रकार है:

  • पे-लेवल 1: वर्तमान बेसिक सैलरी 17,000 रुपये से बढ़कर 42,500 रुपये तक हो सकती है।
  • पे-लेवल 10: वर्तमान बेसिक सैलरी 32,100 रुपये से बढ़कर 80,250 रुपये होने की उम्मीद है।
  • पे-लेवल 20: सीनियर स्तर पर 84,500 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर 2,11,250 रुपये तक पहुंच जाएगी।
  • पे-लेवल 24: अधिकतम बेसिक सैलरी 1,88,900 रुपये से बढ़कर 3,22,250 रुपये हो सकती है।

बजट में हो सकती है बड़ी घोषणा

फिलहाल कर्मचारियों की निगाहें आगामी राज्य बजट पर टिकी हैं। सरकार की ओर से मिले संकेतों के बाद यह स्पष्ट है कि बजट सत्र के दौरान इसे लेकर विस्तृत और ऐतिहासिक घोषणाएं की जा सकती हैं। यह वृद्धि न केवल कर्मचारियों के आर्थिक स्तर को ऊपर उठाएगी, बल्कि महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य वित्तीय लाभों में भी अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। राज्य सरकार के इस फैसले से अर्थव्यवस्था में भी गति आने की संभावना जताई जा रही है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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