टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की महंगाई की तैयारी, बढ़ सकते हैं नमक और चायपत्ती जैसे जरूरी सामान के दाम व्यापार एक घंटा पहले 4
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने संकेत दिए हैं कि उत्पादन लागत में हो रही लगातार बढ़ोतरी के कारण कंपनी अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक चुनौतियों के चलते कंपनी का मार्जिन प्रभावित हुआ है।

उत्पादन लागत में बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता

टाटा ग्रुप की प्रमुख कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने आने वाले समय में अपने उत्पादों की कीमतों में इजाफे के संकेत दिए हैं। कंपनी का कहना है कि यदि इनपुट लागत यानी उत्पादन खर्च में अस्थिरता का दौर इसी तरह जारी रहा, तो कई चुनिंदा उत्पादों के दाम बढ़ाना कंपनी की मजबूरी हो जाएगा। दरअसल, कच्चे माल की कीमतों में तेजी और पैकेजिंग पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी का सीधा असर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ रहा है।

क्यों महंगे हो सकते हैं टाटा के उत्पाद

कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में कई वैश्विक और घरेलू कारणों से लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसमें मुख्य रूप से कमोडिटी की कीमतों में उछाल और पैकेजिंग सामग्री की बढ़ती लागत शामिल है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण व्यापारिक मार्गों के बाधित होने से वैश्विक स्तर पर इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है। वहीं, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आती गिरावट ने भी स्थिति को और कठिन बना दिया है। भारतीय बाजार में अपने मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए कंपनियां अब कीमतों को बढ़ाने के साथ ही पैक के आकार में बदलाव करने और अन्य लागतों में कटौती करने जैसे विकल्पों पर भी गौर कर रही हैं।

मुनाफे में वृद्धि के बावजूद दबाव

वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो 30 जून को समाप्त हुई पहली तिमाही में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शुद्ध लाभ 28 प्रतिशत बढ़कर 4,027 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार के विश्लेषकों द्वारा लगाए गए 4,200 करोड़ रुपये के अनुमान से कुछ कम रहा। कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसका कुल राजस्व 12 प्रतिशत बढ़कर 5,349 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। वहीं, कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार 17 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में टाटा टी, टेटली, ऑर्गेनिक इंडिया और चिंग्स सीक्रेट जैसे प्रमुख ब्रांडों की कीमतों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।

कॉफी और नमक कारोबार की मजबूत स्थिति

बढ़ती महंगाई की चर्चा के बीच राहत की बात यह है कि कंपनी के प्रमुख वर्टिकल्स में अच्छी ग्रोथ देखी गई है। टाटा कंज्यूमर के अनुसार, भारत में उनके नमक कारोबार में 7 प्रतिशत और कॉफी व्यवसाय में 24 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी संयुक्त उद्यम के जरिए देश में स्टारबक्स के कॉफी बिजनेस का संचालन भी करती है। टाटा कंज्यूमर का लक्ष्य है कि आने वाले समय में उसका सालाना परिचालन मार्जिन 50 से 70 आधार अंक तक बढ़े और राजस्व में दोहरे अंकों की वृद्धि देखने को मिले। इसी हफ्ते नेस्ले इंडिया ने भी अपने उत्पादों में दोहरे अंकों की वृद्धि के साथ उच्च लाभ की घोषणा की है, जो एफएमसीजी क्षेत्र की समग्र स्थिति को दर्शाता है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप