सरकार की सख्ती का असर, अरत्ताई ने हटाया यूजरनेम फीचर, वॉट्सऐप पर भी है निगरानी व्यापार 2 महीने पहले 96
भारत सरकार के कड़े रुख के बाद स्वदेशी ऐप अरत्ताई ने अपने प्लेटफॉर्म से यूजरनेम फीचर को हटाने का निर्णय लिया है, जबकि मेटा के वॉट्सऐप पर भी इस फीचर को लेकर रोक जारी है।

सरकार की सख्ती और अरत्ताई का कदम

भारत सरकार द्वारा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के सुरक्षा मानकों को लेकर दिखाए गए कड़े तेवर का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। स्वदेशी चैटिंग ऐप अरत्ताई ने अपने प्लेटफॉर्म से यूजरनेम आधारित अकाउंट फीचर को पूरी तरह से हटाने का निर्णय लिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब सरकार ने इस तरह के फीचर्स को लेकर चिंता जाहिर की थी।

जोहो के को-फाउंडर ने दी जानकारी

अरत्ताई की मूल कंपनी जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी सरकार द्वारा लाए गए नए नियामक बदलावों का सम्मान करती है और उनका पूर्णतः पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से ऐप से यूजरनेम फीचर को बंद किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के विनियामक उल्लंघन से बचा जा सके।

वॉट्सऐप पर भी सरकार की नजर

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को भारत में वॉट्सऐप के यूजरनेम फीचर को लॉन्च करने से रोक दिया है। सरकार ने कंपनी को साफ निर्देश दिए हैं कि जब तक सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा और समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को लागू न किया जाए।

क्यों चिंतित है सरकार?

मेटा का दावा था कि यूजरनेम फीचर आने से मोबाइल नंबर छिपाकर चैटिंग करने की सुविधा मिलेगी, जिससे यूजर्स की निजता बेहतर होगी। हालांकि, सरकार का रुख काफी अलग है। सरकार को यह आशंका है कि मोबाइल नंबर के बिना चैटिंग की सुविधा का दुरुपयोग साइबर अपराधी कर सकते हैं। ऐसी सुविधा से अपराधी बैंक, सरकारी संस्थानों या जानी-मानी हस्तियों के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर आसानी से फिशिंग, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दे सकते हैं। सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए ही सरकार ने अब तक वॉट्सऐप के इस फीचर पर रोक लगा रखी है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप