लेंसकार्ट से निकलेगा एक और दिग्गज निवेशक, ब्लॉक डील में बिकेंगे 4 करोड़ शेयर; जुटाए जाएंगे ₹2000 करोड़ व्यापार एक महीने पहले 18
जापान के सॉफ्टबैंक के बाद अब ADIA समर्थित प्लैटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट लेंसकार्ट में अपनी करीब 2.3 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेचने जा रहा है, जिससे लगभग 1,944 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं।

भारतीय आईवियर कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) में एक और बड़ी हिस्सेदारी हाथ बदलने जा रही है। जापान के सॉफ्टबैंक (SoftBank) के बाद अब आबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) से समर्थित प्लैटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट ने भी कंपनी से बाहर निकलने की तैयारी कर ली है। यह निवेशक ब्लॉक डील के जरिए कंपनी की करीब 2.3 प्रतिशत हिस्सेदारी बाजार में उतारने जा रहा है।

कितनी बड़ी है यह डील

सूत्रों के मुताबिक प्लैटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट इस बिक्री के जरिए लगभग 1,944 करोड़ रुपये जुटा सकता है। यह सौदा लेंसकार्ट में हाल के समय की बड़ी हिस्सेदारी बिक्री में से एक माना जा रहा है।

सॉफ्टबैंक भी बेच चुका है हिस्सा

गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले जापान की दिग्गज कंपनी सॉफ्टबैंक ने लेंसकार्ट में अपनी 3.25 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब 2,873 करोड़ रुपये हासिल किए थे। एक के बाद एक हो रही इन बड़ी ब्लॉक डील्स ने निवेशकों का ध्यान दोबारा लेंसकार्ट की तरफ खींचा है।

तेजी से बढ़ती कंपनी

लेंसकार्ट पिछले कुछ वर्षों में भारत की सबसे तेजी से उभरती कंज्यूमर टेक कंपनियों में गिनी जाती रही है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोर्चों पर मजबूत पकड़ बनाने के बाद कंपनी अब बड़े वैश्विक निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यही कारण है कि हिस्सेदारी बिकने के बावजूद संस्थागत निवेशकों की मांग में कोई कमी नहीं दिख रही।

विशेषज्ञों की राय

बाजार जानकारों का मानना है कि इस तरह की बिक्री को कंपनी के कारोबार में किसी कमजोरी के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार यह शुरुआती दौर के निवेशकों द्वारा अपने निवेश से आंशिक मुनाफा वसूलने की एक सामान्य प्रक्रिया है। बीते कुछ महीनों में कई बड़े निवेशक इसी तरह की रणनीति अपना चुके हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप