लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का विकराल रूप, उफनते पानी से घिरा बेचे पुरवा गांव उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में ग्रामीणों का आवागमन दूभर हो गया है।

पहाड़ों पर बारिश का असर, तराई में बढ़ी आफत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पहाड़ों पर हो रही निरंतर और भारी बारिश के कारण मैदानी इलाकों में नदी का पानी तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे बुरा असर तराई क्षेत्र के उन गांवों पर पड़ा है जो नदी के तटों के करीब बसे हुए हैं। जलस्तर में इस अप्रत्याशित वृद्धि के कारण कई रास्तों पर पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों का सामान्य जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर इन जलमग्न रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जो किसी भी वक्त एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

बेचे पुरवा गांव के सामने संकट

गोला तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला बेचे पुरवा गांव वर्तमान में शारदा नदी के प्रकोप से बुरी तरह प्रभावित है। नदी का जलस्तर इतना बढ़ चुका है कि उसने गांव को चारों ओर से घेर लिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले रास्ते पर दो फीट से अधिक पानी का बहाव बना हुआ है। ग्रामीणों के लिए इस स्थिति में आवाजाही करना एक दैनिक चुनौती बन गई है। गांव तक पहुंचने का जो इकलौता रास्ता है, वहां अब तक पुलिया का निर्माण नहीं हो सका है, जिसके कारण बारिश का पानी सीधे रास्ते पर जमा हो जाता है। ग्रामीणों को मजबूरी में इसी उफनते पानी के बीच से अपनी जान की परवाह किए बिना गुजरना पड़ता है।

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार

इस समस्या को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी इस परेशानी के बारे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर ग्राम प्रधान तक को कई बार सूचित किया है, लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ भी हासिल नहीं हुआ। बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, वृद्धों और महिलाओं को सबसे ज्यादा कष्ट उठाना पड़ता है। ग्रामीणों की एकमात्र मांग है कि रास्ते पर जल्द से जल्द एक पक्की पुलिया बनाई जाए ताकि जलभराव की समस्या से उन्हें स्थायी मुक्ति मिल सके।

दो वर्षों से बदतर हैं हालात

बेचे पुरवा गांव के निवासी बनवारी लाल ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि पिछले 2 वर्षों से हालात बेहद खराब हैं। जैसे ही शारदा नदी का जलस्तर बढ़ता है, गांव के बाहर वाले रास्ते पर 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि पुलिया निर्माण के लिए उन्होंने कई बार गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों को डर है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो जलभराव के बीच कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। फिलहाल, ग्रामीण अपने स्तर पर सावधानी बरतते हुए इस कठिन दौर से गुजरने को मजबूर हैं, जबकि उन्हें अब भी सरकारी तंत्र से पुलिया के निर्माण की दरकार है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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