मानसून में SDRF की मुस्तैदी: बाढ़, भूकंप और हादसों से निपटने को आधुनिक उपकरणों के साथ तैयार बचाव दल राजस्थान एक महीने पहले 23
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें बाढ़, भूकंप, भवन ढहने और सड़क हादसों जैसी हर आपात स्थिति में राहत और बचाव के लिए चौबीसों घंटे तैनात रहती हैं। मानसून के दौरान बाढ़ संभावित इलाकों पर विशेष नजर रखी जाती है।

बाढ़, भूकंप, भवन ढहने, सड़क दुर्घटनाओं और दूसरी आपातकालीन परिस्थितियों में आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के कंधों पर है। यह बल हर समय सतर्क और तैयार रहता है, ताकि किसी भी संकट के समय बिना देरी के मदद पहुंचाई जा सके।

विशेष प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों से लैस जवान

SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है और उन्हें आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों तथा जीवन रक्षक (लाइफ सेविंग) संसाधनों से सुसज्जित किया जाता है। इन्हीं संसाधनों के बल पर वे त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाते हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम करते हैं।

मानसून में बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी

मानसून के मौसम में बाढ़ की आशंका वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाती है। किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही टीम बेहद कम समय में मौके पर पहुंचती है और जनहानि कम करने के साथ-साथ समय पर जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने में जुट जाती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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