छत्तीसगढ़
2 घंटे पहले
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छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में पुलिस ने एक अहम कार्रवाई करते हुए जिला कांग्रेस महामंत्री रितेश पटेल को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। उन पर एक बेरोजगार युवक से पटवारी की नौकरी दिलाने के नाम पर 6.50 लाख रुपये ठगने का गंभीर आरोप है।
नौकरी का भरोसा देकर वसूली बड़ी रकम
पुलिस के मुताबिक यह मामला ग्राम गिरोला के रहने वाले अभिराम सोरी की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ है। अभिराम ने बताया कि साल 2017 में पटवारी भर्ती निकली थी और उसी दौरान उनके परिचित रितेश पटेल ने उन्हें सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। रितेश पटेल ग्राम बफना के निवासी हैं।
अलग-अलग किस्तों में लिए साढ़े छह लाख
शिकायतकर्ता का आरोप है कि नौकरी लगवाने के बदले रितेश पटेल ने उनसे अलग-अलग किस्तों में कुल 6 लाख 50 हजार रुपये लिए। इतनी रकम देने के बावजूद अभिराम को नौकरी नहीं मिली। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
संयुक्त टीम ने घर से किया गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर कोंडागांव थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम बनाई गई। इस टीम ने जांच शुरू करते हुए रितेश पटेल को उनके निवास से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
कांग्रेस ने पार्टी से निकाला
मामला सार्वजनिक होते ही कांग्रेस संगठन ने भी कड़ा रुख अपनाया। कोंडागांव कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि घोष ने रितेश पटेल की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जब तक मामला कोर्ट में रहेगा और फैसला रितेश पटेल के पक्ष में नहीं आता, तब तक वह निष्कासित ही रहेंगे।
पहले भी रहा विवादों से नाता
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रितेश पटेल का अतीत पहले भी विवादित रहा है। वह इससे पहले भी ठगी, बलवा और अन्य प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
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