पश्चिम बंगाल
7 घंटे पहले
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दुर्गा पूजा की खुशियों के बीच मातम
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। दुर्गा पूजा के पावन त्योहार से ठीक पहले, खुशियों के माहौल में डूबे अंतला गांव में एक खौफनाक हादसे ने मातम फैला दिया है। मोहनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस गांव में एक नए सेप्टिक टैंक के भीतर जहरीली गैस का रिसाव होने से एक ही परिवार और रिश्तेदारी के चार लोगों की जान चली गई है। यह दुखद घटना मानवीय संवेदनाओं और एक-दूसरे के प्रति प्रेम की पराकाष्ठा का उदाहरण बनी, लेकिन इसका अंत बेहद दर्दनाक रहा।
घटना की शुरुआत और पहला शिकार
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की सुबह अंतला गांव में बदिर मल्लिक अपने किसी संबंधी के घर बने एक नए सेप्टिक टैंक पर कुछ काम करने के लिए पहुंचे थे। यह टैंक लंबे समय से बंद था और पूरी तरह से ढका हुआ था। काम के दौरान बदिर मल्लिक का संतुलन बिगड़ा और वे अचानक गहरे टैंक के भीतर गिर गए। टैंक काफी गहरा होने और लंबे समय से बंद रहने के कारण इसके भीतर घातक जहरीली गैसें जमा हो चुकी थीं। जैसे ही बदिर टैंक में गिरे, जहरीली गैस के प्रभाव से वे तुरंत बेहोश हो गए और उनकी स्थिति गंभीर हो गई।
एक-दूसरे को बचाने की होड़ में गई जान
मौके पर मौजूद परिवार के सदस्यों के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं था। अपने भाई बदिर को टैंक में गिरते और बेहोश होते देख सर्जिना बीबी खुद को रोक नहीं पाईं। उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपने भाई को मौत के मुंह से बाहर निकालने के लिए टैंक के भीतर छलांग लगा दी। हालांकि, जैसे ही वह अंदर पहुंचीं, जहरीली गैस ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया। वहां का वातावरण इतना दूषित हो चुका था कि उनका संतुलन बिगड़ गया और वे भी टैंक के भीतर गिर गईं।
इसी बीच मां को मुसीबत में फंसे देखकर सर्जिना बीबी के बेटे शेख रबीउल भी तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने अपनी मां को बचाने का साहसी प्रयास किया और वह भी उसी सेप्टिक टैंक के अंदर उतर गए। दुर्भाग्यवश, जहरीली गैस की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वह भी अंदर पहुंचते ही बेहोश हो गए। परिवार में चीख-पुकार मची थी और तीन लोगों के बेहोश होने का मंजर देखकर वहां मौजूद एक अन्य रिश्तेदार शेख साहिब भी उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़े। वे भी अंदर उतरते ही गैस के प्रभाव से बेहोश हो गए। इस तरह, एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में चार लोग एक के बाद एक मौत के उस खतरनाक टैंक में फंस गए।
अस्पताल में चार की मौत, एक गंभीर
घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने रस्सियों और स्थानीय उपकरणों की मदद से टैंक के भीतर फंसे सभी पांचों व्यक्तियों को बाहर निकाला और आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल में डॉक्टरों ने बदिर मल्लिक, सर्जिना बीबी, शेख रबीउल और शेख साहिब को मृत घोषित कर दिया। वहीं, शेख अबुकलाम नाम के एक अन्य व्यक्ति, जो इसी हादसे की चपेट में आए थे, उनकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है और वे अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
पुलिस की जांच और गैस का खतरा
सूचना मिलते ही मोहनपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस प्रशासन अब इस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गया है कि आखिर टैंक के अंदर इतनी बड़ी मात्रा में जहरीली गैस कैसे जमा हो गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि मीथेन या हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी घातक गैसों के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। यह मामला पूरी तरह से दुर्घटना के रूप में दर्ज किया गया है और प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। इस घटना ने पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त कर दिया है और दुर्गा पूजा का उत्साह पूरी तरह से खत्म हो गया है।
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