वैशाली: बिहार ग्रामीण बैंक की OTS योजना से घटेगा पुराना कर्ज, मिल रही 80% तक की छूट बिहार 4 महीने पहले 74
बिहार ग्रामीण बैंक की नई 'वन टाइम सेटलमेंट' योजना के तहत पुराने कर्जदार केवल 15 से 20 प्रतिशत राशि चुकाकर अपना ऋण खाता बंद करा सकते हैं। यह योजना वर्षों पुराने KCC और अन्य लोन धारकों, खासकर किसानों के लिए बड़ी राहत है।

अगर आपने वर्षों पहले बिहार ग्रामीण बैंक से कोई कर्ज लिया था और आर्थिक तंगी या किसी अन्य वजह से उसे अब तक नहीं लौटा पाए हैं, तो यह खबर आपके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। बैंक अपने पुराने कर्जदारों और खासकर किसानों के लिए एक आकर्षक 'वन टाइम सेटलमेंट' (OTS) योजना लेकर आया है, जिसके तहत भारी छूट देकर पुराने ऋण खातों का स्थायी निपटारा किया जा रहा है।

15 से 20 प्रतिशत राशि देकर बंद होगा खाता

बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज नयन ने बताया कि यह नई OTS योजना मई महीने से लागू की गई है। इसका मुख्य मकसद उन ग्राहकों को राहत पहुंचाना है, जिनके ऋण खाते लंबे समय से बकाया रहने के कारण एनपीए (NPA) बन चुके हैं।

उन्होंने बताया कि पहले अक्सर लोक अदालतों में किसान और ग्राहक यह शिकायत करते थे कि बैंक की ओर से पर्याप्त छूट नहीं मिल पाती। लेकिन इस बार छूट का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है।

इसे सरल भाषा में समझाते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्राहक का ब्याज सहित कुल बकाया ₹100 मान लिया जाए, तो इस योजना के तहत वह सिर्फ ₹15 से ₹20 जमा करके अपने पूरे कर्ज से मुक्ति पा सकता है। यानी ग्राहकों को सीधे तौर पर 80 फीसदी तक की छूट का लाभ मिल सकता है।

वर्षों पुराने KCC और अन्य लोन धारकों को राहत

यह योजना मुख्य रूप से उन किसानों और ग्रामीण ग्राहकों के लिए बड़ा अवसर है, जिनका किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या अन्य प्रकार का लोन वर्ष 2000, 2005, 2008, 2010 या 2015 से बकाया चल रहा है।

बैंक के आंकड़ों के अनुसार, वैशाली जिले में करीब 134 करोड़ रुपये का ऋण एनपीए की श्रेणी में आता है। बैंक को उम्मीद है कि इस नई छूट के जरिए बड़ी संख्या में पुराने खातों को बंद किया जा सकेगा।

गांव-गांव पहुंच रही बैंक की टीमें

इस योजना का लाभ हर गांव तक पहुंचाने के लिए बैंक की विशेष टीमें ग्रामीण इलाकों का दौरा कर रही हैं। जगह-जगह ग्राम सभाएं आयोजित कर लोगों को इस सुनहरे मौके की जानकारी दी जा रही है। बैंक की इस अनूठी पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और किसान इसका फायदा उठाने के लिए आगे आ रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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