हास्य के बादशाह सलीम कुमार को अलविदा, केरल CM सतीशन भावुक- 'मैंने अपना भाई खो दिया' मनोरंजन एक घंटा पहले 2
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने उन्हें अपना भाई बताते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी।

मलयालम सिनेमा के मशहूर कलाकार सलीम कुमार के निधन से पूरे केरल में शोक की लहर है। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित इस अभिनेता को 'प्रिंस ऑफ लाफ्टर' यानी हास्य का राजकुमार कहा जाता था। उनके चले जाने से इंडस्ट्री और प्रशंसकों को गहरा आघात पहुंचा है। राज्य के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने उन्हें न सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार, बल्कि अपना भाई बताते हुए दुख व्यक्त किया। अभिनेता का अंतिम संस्कार 7 जून 2026 को शाम 3:30 बजे उनके पैतृक आवास 'लाफिंग विला' केरल के प्रांगण में पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री सतीशन की भावुक श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री सतीशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर सलीम कुमार को याद करते हुए एक दिल छू लेने वाली पोस्ट साझा की। उनके चर्चित खिताब 'प्रिंस ऑफ लाफ्टर' का उल्लेख करते हुए उन्होंने लिखा:

'मेरे लिए वे सिर्फ हंसी के राजकुमार नहीं थे। सलीम कुमार एक ऐसे इंसान थे, जिनसे मेरा गहरा जुड़ाव था। वे अपनी राजनीतिक सोच को लेकर बेबाक थे और गर्व से कहते थे कि वे कांग्रेस के साथ हैं। वे एक ऐसे कलाकार थे जो एक ही चेहरे के भावों से हमें हंसा भी सकते थे और रुला भी सकते थे। मलयालम सिनेमा ने एक लेजेंड को खो दिया है और मैंने एक भाई को खो दिया।'

कैसे हुआ सलीम कुमार का निधन

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में शनिवार रात कार्डियक अरेस्ट के चलते निधन हो गया। शनिवार को ही उन्हें इलाज के लिए कोच्चि के अमृता अस्पताल ले जाया गया था। उनके निधन की खबर सामने आते ही राज्यभर के नेताओं, फिल्मी सितारों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। केरल सरकार ने शनिवार को अभिनेता के निधन की आधिकारिक पुष्टि की और इस लोकप्रिय कलाकार के जाने पर गहरा शोक जताया। एक आधिकारिक बयान में सरकार ने उन्हें मलयालम सिनेमा का बेहतरीन अभिनेता बताया और वर्ष 2010 में फिल्म 'अदामिन्ते मकान अबू' में उनके शानदार अभिनय के लिए मिले बेस्ट एक्टर के नेशनल फिल्म अवॉर्ड का जिक्र किया।

तीन दशक का करियर और 300 से ज्यादा फिल्में

सलीम कुमार ने तीन दशक से भी अधिक समय तक मलयालम सिनेमा में अपनी सेवाएं दीं और 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने खुद को एक चहेते हास्य अभिनेता के रूप में स्थापित किया और तरह-तरह के किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। वर्ष 2010 में 'अदामिन्ते मकान अबू' के लिए उन्हें 'बेस्ट एक्टर' का नेशनल फिल्म अवॉर्ड और केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड दोनों मिले। इसके अलावा उनके निर्देशन में बनी फिल्म 'करुथा जूथन' के लिए भी उन्हें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड से नवाजा गया।

अंतिम विदाई और परिवार

रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक अभिनेता के पार्थिव शरीर को आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए परावुर टाउन हॉल में रखा गया। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे उनके आवास पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की कि अंतिम संस्कार और उससे जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का खर्च वह स्वयं वहन करेगी। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता तथा दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!