कटनी में छह महीने पुरानी अनसुलझी मौत का राजफाश, कॉलर टैग और DNA टेस्ट से पकड़े गए आरोपी मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 5
मध्य प्रदेश के कटनी में छह महीने पहले मिले एक अधजले शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के करंट से युवक की मौत हुई थी, जिसे छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को जला दिया था।

कटनी में सुलझा छह महीने पुराना रहस्य

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में पुलिस ने एक ऐसे अंधे मामले का खुलासा किया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। लगभग छह महीने पहले मिले एक अधजले और सड़े-गले शव की शिनाख्त करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। पुलिस की महीनों की कड़ी मशक्कत, वैज्ञानिक जांच और तकनीकी सबूतों की मदद से इस रहस्य से पर्दा उठ गया है। इस पूरे मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने मौत की असल वजह छिपाने के लिए साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की थी।

घटना की शुरुआत और शव की बरामदगी

यह मामला 15 फरवरी 2026 का है, जब महाशिवरात्रि के दिन कटनी के बहोरीबंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिद्ध बाबा रोड स्थित बांस की झाड़ियों में एक अज्ञात शव मिला था। शव इतनी बुरी तरह जल चुका था कि उसकी पहचान कर पाना नामुमकिन सा लग रहा था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल से हर छोटे से छोटे सुराग को जुटाने का प्रयास किया।

कॉलर टैग से मिली सफलता

जांच के दौरान पुलिस को मृतक की शर्ट के कॉलर पर आरएस टेलर्स, मझौली का एक टैग मिला। यह दुकान काफी समय पहले बंद हो चुकी थी, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और इसी टैग के सहारे आसपास के गांवों में पड़ताल शुरू कर दी। इसी कड़ी में पुलिस को दुर्गा बर्मन नाम के एक युवक के गायब होने की जानकारी मिली। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के लिए दुर्गा बर्मन के पिता गोपाल बर्मन का ब्लड सैंपल लिया और उसे शव के दांतों से मिले डीएनए (DNA) के साथ मिलान के लिए भेजा। डीएनए रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी कि वह शव दुर्गा बर्मन का ही था।

शिकार के लिए बिछाया था करंट का जाल

पहचान पुख्ता होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की फिर से सघन तलाशी ली, जहां से उन्हें अधजले कपड़े, रेडियो के सेल और गुलेल जैसे अहम सबूत हाथ लगे। साइबर सेल की मदद और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस उन लोगों तक पहुंच गई, जो जंगल में अवैध शिकार का काम करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि जंगल में जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए उन्होंने बिजली का करंट बिछा रखा था। उसी दौरान दुर्गा बर्मन अनजाने में इस करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।

साजिश और गिरफ्तारी

अपनी करतूत को छिपाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों ने शव को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद वे शव को मोटरसाइकिल पर लादकर सिद्ध बाबा रोड के किनारे फेंक आए ताकि सबूत पूरी तरह मिट जाएं। पुलिस ने इस मामले में धर्मेंद्र उर्फ टिक्कू, धर्मेंद्र उर्फ धम्मू और सुखदेव को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता तकनीकी जांच और फील्ड इन्वेस्टिगेशन का परिणाम है, जिससे एक ब्लाइंड केस का छह महीने बाद खुलासा हो सका। आरोपियों को अब सलाखों के पीछे भेज दिया गया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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