कटिहार: बाढ़ के पानी के बीच नाव बनी बारातियों का सहारा, दूल्हे ने अनोखे अंदाज में रचाई शादी बिहार एक घंटा पहले 4
बिहार के कटिहार में बाढ़ की विकट स्थिति के बावजूद एक दूल्हा नाव पर सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचा और निकाह के बाद उसे अपने साथ नाव से ही विदा कराकर लाया।

बाढ़ की चुनौती और खुशियों का संगम

बिहार के कई जिलों में इन दिनों बाढ़ का कहर जारी है, जिससे आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कटिहार जिला भी इन दिनों बाढ़ की विभीषिका से बुरी तरह जूझ रहा है, जहां के चार प्रखंड पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोगों के घरों के भीतर तक पानी भर गया है और रास्ते पूरी तरह से डूब चुके हैं। हालांकि, इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी कटिहार से एक ऐसी सुखद तस्वीर सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया है कि जीवन की खुशियों को कोई भी आपदा नहीं रोक सकती। बाढ़ के पानी के बीच कटिहार में शादी की शहनाइयां गूंजीं और एक दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने के लिए नाव का सहारा लेकर निकला।

नाव ही बनी बारात का माध्यम

इस अनोखी शादी की शुरुआत कटिहार के मनिहारी प्रखंड के कालीगंज इलाके से हुई। यहां के निवासी मोहम्मद शफीक का निकाह बरारी प्रखंड की सुखासन पंचायत के अंतर्गत आने वाले ठोठीबाग गांव की रहने वाली फरहद के साथ तय हुआ था। जब शादी की तारीख आई, तो पूरे रास्ते में बाढ़ का पानी भर चुका था। सड़कें पूरी तरह से जलमग्न थीं, जिससे पारंपरिक तरीके से बारात ले जाना असंभव हो गया था। ऐसे में दूल्हे शफीक ने हार मानने के बजाय नाव का सहारा लिया। नाव पर सवार होकर दूल्हा और बाराती दुल्हन के घर तक पहुंचे। यह नजारा इतना अनूठा था कि स्थानीय लोग भी इसे देखकर दंग रह गए और यह बारात पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बन गई।

जिंदगी नहीं रुकनी चाहिए

शादी के बाद दूल्हे शफीक ने बताया कि बाढ़ के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन निकाह की तारीख पहले से तय थी, इसलिए उन्होंने नाव से जाना ही बेहतर समझा। दूल्हे के पिता जहांगीर आलम ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हालात वाकई मुश्किल हैं, लेकिन निकाह कुशलतापूर्वक संपन्न होने से परिवार में बेहद खुशी है। बाढ़ की त्रासदी के बीच हुई यह शादी एक बड़ा संदेश दे रही है कि रास्ते भले ही डूब जाएं, लेकिन जीवन की रफ्तार रुकनी नहीं चाहिए।

नाव से हुई दुल्हन की विदाई

निकाह की रस्में पूरी होने के बाद विदाई का भावुक पल आया। चारों तरफ पानी से घिरे होने के बावजूद, दुल्हन फरहद भी नाव पर सवार हुईं। इसके बाद दूल्हा शफीक अपनी दुल्हन को उसी नाव के जरिए अपने घर वापस ले गए। मुश्किल समय में नाव पर बैठकर हुई इस शादी और दुल्हन की विदाई ने सभी का दिल जीत लिया, जो बाढ़ के संकट के बीच एक उम्मीद की किरण की तरह नजर आई।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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