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एक घंटा पहले
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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां पर अपनी ही दो नवजात बच्चियों की हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। वजारहल्ली इलाके में रहने वाली 40 वर्षीय महिला के खिलाफ अपनी महज 4 महीने की जुड़वा बेटियों की हत्या करने और उसके बाद खुदकुशी की कोशिश करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। यह पूरी घटना बीते मंगलवार को उनके घर पर घटित हुई, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
घर के भीतर मिला बच्चियों का शव, महिला ने की फंदे पर लटकने की कोशिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला की पहचान उमा देवी के रूप में हुई है। वह बेंगलुरु के वजारहल्ली में अपने पति रामलिंगप्पा, अपनी सास और अपनी जुड़वा बेटियों के साथ रहती थी। उमा देवी के पति रामलिंगप्पा पेशे से रियल एस्टेट कारोबारी हैं और परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मंगलवार को जब यह खौफनाक वारदात हुई, तब घर का माहौल पूरी तरह से बदल गया। पुलिस ने पति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
लंबे इंतजार और IVF इलाज के बाद मिली थी मातृत्व की खुशी
रामलिंगप्पा ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में इस पूरी त्रासदी की पृष्ठभूमि साझा की है। उन्होंने बताया कि उमा देवी के साथ उनका विवाह वर्ष 2002 में हुआ था। शादी के बाद वे दोनों एक बेहद खुशहाल दांपत्य जीवन जी रहे थे, लेकिन लंबे समय तक उनकी कोई संतान नहीं हुई। संतान सुख की चाह में उन्होंने चिकित्सा विज्ञान की मदद ली और IVF ट्रीटमेंट कराने का फैसला किया। इस इलाज के सफल होने के बाद उमा देवी गर्भवती हुईं और आखिरकार 5 मई, 2026 को उन्होंने दो प्यारी जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। इस खबर से पूरे परिवार में खुशियां छा गई थीं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह खुशी इतने कम समय के लिए है।
बच्चियों के जन्म के डेढ़ महीने बाद ही व्यवहार में आया बदलाव
शिकायतकर्ता पति के मुताबिक, बच्चियों के जन्म के करीब 1.5 महीने बीतने के बाद उमा देवी के व्यवहार में अजीब सा बदलाव दिखने लगा था। नवजात बच्चियों की देखभाल करने और उनके प्रति मां की ममता दिखाने के बजाय, उमा की दिलचस्पी अपनी बेटियों में कम होने लगी थी। वह अक्सर परिवार के सामने यह अजीबोगरीब मांग रखने लगी थीं कि इन बच्चियों को घर में रखने के बजाय किसी अनाथालय या आश्रम में भर्ती करा दिया जाना चाहिए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उमा देवी का यह असामान्य व्यवहार धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा था, जिससे परिवार बेहद चिंतित था।
पोस्टपार्टम डिप्रेशन और हार्मोनल असंतुलन की पुष्टि
पत्नी के इस अजीब और असामान्य व्यवहार को देखते हुए रामलिंगप्पा ने मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से संपर्क किया। उमा देवी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गहन जांच की। डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उमा देवी बच्चे के जन्म के बाद होने वाले मानसिक तनाव, जिसे चिकित्सीय भाषा में पोस्टपार्टम डिप्रेशन कहा जाता है, और गंभीर हार्मोनल असंतुलन की समस्या से पीड़ित हैं। इसके बाद अस्पताल में उनका इलाज भी शुरू कराया गया, लेकिन डिप्रेशन का असर कम नहीं हो सका।
पति ने बचाई पत्नी की जान, पर बच्चियों को नहीं बचा सके
इसके बाद 1 सितंबर की दोपहर को जब रामलिंगप्पा घर वापस लौटे, तो उन्हें घर के अंदर का दृश्य देखकर अनहोनी की आशंका हुई। उमा देवी ने खुद को अंदर से एक कमरे में बंद कर रखा था। जब रामलिंगप्पा ने कमरे का दरवाजा खोला, तो उन्होंने देखा कि उमा देवी ने गले में दुपट्टे का फंदा डाल रखा था और वह आत्महत्या करने का प्रयास कर रही थीं। रामलिंगप्पा ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और मुस्तैदी के साथ अपनी पत्नी को फंदे से उतारकर उनकी जान बचा ली। लेकिन जैसे ही उनकी नजर कमरे के दूसरे हिस्से पर पड़ी, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी दोनों मासूम जुड़वा बच्चियां उसी कमरे में बेसुध पड़ी थीं, जिनकी मौत हो चुकी थी।
पानी में डूबने से मौत की आशंका, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
इस दिल दहला देने वाली घटना के तुरंत बाद बच्चियों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद आशंका जताई कि मासूमों की मौत पानी में डूबने के कारण हुई है। रामलिंगप्पा का आरोप है कि उनकी पत्नी उमा देवी ने ही दोनों बच्चियों को पानी में डुबोकर मौत के घाट उतारा है और उसके बाद खुद भी फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, इस शिकायत के आधार पर तालाघट्टापुरा थाने में आरोपी पत्नी के खिलाफ BNS की धारा 103 यानी हत्या के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मैसूर से भी एक ऐसा ही दुखद मामला आया था, जहां साप्ताहिक अवकाश न मिलने और अपने मैनेजर की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर एक कामकाजी महिला ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी।
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