डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: होर्मुज पर अमेरिका का कब्जा, ईरान की अर्थव्यवस्था हुई बर्बाद विश्व 2 घंटे पहले 7
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरी तरह नियंत्रण है। उन्होंने ईरान की गिरती अर्थव्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए तेहरान के साथ किसी भी समझौते की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।

तनाव के बीच ट्रंप का कड़ा रुख

अमेरिका और ईरान के बीच उपजे हालिया तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य पर अब अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण हो चुका है। ट्रंप के अनुसार, इस सैन्य और आर्थिक दबाव के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ढह चुकी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष काफी बढ़ गया है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के विभिन्न ठिकानों को लक्ष्य बनाकर हवाई हमले किए थे, जिसके जवाब में तेहरान की ओर से भी अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने की खबरें सामने आई हैं।

समझौते की खबरों को किया खारिज

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से नकार दिया है जिनमें यह दावा किया गया था कि वे ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें ईरान के साथ किसी भी प्रकार के नए समझौते के लिए दबाव बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अगर ईरान किसी बेकार समझौते का प्रस्ताव रखता भी है, तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। राष्ट्रपति के मुताबिक, वर्तमान स्थिति अमेरिका के पक्ष में है और ईरान आर्थिक रूप से बदहाल स्थिति में है।

ईरान की जनता से सीधा सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ईरान की आम जनता से सीधे तौर पर अपनी सरकार के विरुद्ध खड़े होने की अपील की है। उन्होंने एक तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि ईरान के लोग आखिर कब जागेंगे और अपनी सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। हालांकि, ट्रंप का यह दावा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, ईरान के लिए एक बड़ी चुनौती है। दूसरी ओर, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे पर अभी भी उसका ही प्रभाव कायम है।

वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर असर

यह ताजा सैन्य टकराव सप्ताहांत में हुई भारी गोलीबारी के बाद और भी अधिक गहरा गया है। जुलाई के बाद दोनों देशों के बीच यह सबसे बड़ा सैन्य आमना-सामना माना जा रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को होर्मुज से गुजर रहे दो तेल टैंकरों पर भी हमले हुए। इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ रहा है। मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में 4 डॉलर प्रति बैरल से अधिक की भारी वृद्धि देखी गई, जिससे कीमतें बीते पांच सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।

ईरान की चेतावनी

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी हमलों के जवाब में वह इस रास्ते से होने वाले जहाजों की आवाजाही को और कड़ा कर देगा। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि वे इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपनी पकड़ और मजबूत करेंगे। साथ ही, ईरानी अधिकारियों ने यह भी धमकी दी है कि यदि तेहरान को फारस की खाड़ी से तेल निर्यात करने से रोका गया, तो वे किसी भी अन्य देश को वहां से तेल ले जाने की अनुमति नहीं देंगे। अंत में ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी प्रकार के युद्धविराम (सीजफायर) की संभावना को भी पूरी तरह नकार दिया है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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