कानपुर देहात में सास और दामाद की कोर्ट मैरिज, वीडियो वायरल; क्या ऐसे रिश्तों को मान्यता मिलनी चाहिए?
राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से सामने आया एक मामला इन दिनों खूब चर्चा में है, जहां एक दामाद अपनी ही सास के साथ घर से निकल गया और दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। अब इन दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें वे बिना किसी झिझक के लोगों से अपने इस नए रिश्ते के लिए आशीर्वाद मांगते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने रिश्तों की मर्यादा को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
रिश्तों की मर्यादा पर उठते सवाल
समाज में हर रिश्ते की अपनी एक गरिमा और सीमा होती है। लेकिन जब वही सीमा टूटती है और एक मां ही अपनी बेटी का घर उजाड़ने पर उतर आती है, तो यह स्थिति इंसानियत और समाज दोनों के लिए शर्मिंदगी का कारण बन जाती है। बीते कुछ समय में सास-दामाद की ऐसी प्रेम कहानियां बार-बार सुर्खियों में रही हैं। कभी सास होने वाले दामाद पर मोहित होकर बेटी की शादी से पहले ही गायब हो गई, तो कभी शादी के बाद सास और दामाद के रिश्ते की खबरें चर्चा का विषय बनीं।
कानपुर देहात का यह वायरल वीडियो लोगों को बिहार के मधेपुरा और यूपी के अलीगढ़ की पुरानी घटनाओं की याद दिला रहा है। ऐसे मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि समाज इन बेमेल रिश्तों को आखिर क्या नाम दे और क्या इन्हें कभी मान्यता दी जानी चाहिए।
मधेपुरा में बेटी के पति से शादी
बिहार के मधेपुरा जिले के पुरैनी गांव की रहने वाली आशा देवी नाम की महिला अपनी ही बेटी के पति से प्रेम करने लगी थी। कुछ साल पहले इस महिला ने अपनी बेटी का विवाह बड़ी धूमधाम से किया था, लेकिन बाद में उसी दामाद के साथ पूर्णिया कोर्ट पहुंचकर शादी कर ली। इस शादी में कोर्ट के कुछ वकील ही गवाह बने थे।
अलीगढ़ में शादी से 10 दिन पहले फरार
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का मामला तो और भी हैरान करने वाला था। यहां राहुल नाम का युवक 16 अप्रैल को बारात लेकर जाने वाला था, लेकिन इससे ठीक पहले 6 अप्रैल को वह मडराक थाना क्षेत्र से अपनी ‘होने वाली सास’ को ही लेकर फरार हो गया। पुलिस कई राज्यों में दोनों की तलाश करती रही। आखिरकार 10 दिन बाद, जिस दिन बारात जानी थी, उसी दोपहर दोनों खुद दादों थाने पहुंच गए और पुलिस को अपनी प्रेम कहानी बता दी।
क्या है आपकी राय
सास और दामाद के बीच पनपी इन तीन अलग-अलग और मर्यादाएं लांघने वाली प्रेम कहानियों ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रिश्तों की पवित्रता को कठघरे में खड़ा करती इन अनोखी शादियों को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है कि आखिर ऐसे रिश्तों को समाज में किस नजरिए से देखा जाए और क्या इन्हें कभी मान्यता मिलनी चाहिए।
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