उत्तर प्रदेश
एक दिन पहले
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काकादेव में प्रशासन की सख्त कार्रवाई
लखनऊ में हुए भयावह अग्निकांड के बाद कानपुर प्रशासन ने काकादेव कोचिंग क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। इंजीनियरिंग और मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी के लिए मशहूर काकादेव, जिसे एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कोचिंग मंडी माना जाता है, वहां का नजारा अब बिल्कुल बदल गया है। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले 30 से अधिक कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
लगातार हो रही कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सील की गई कोचिंग संस्थाओं के अलावा 60 से अधिक संस्थानों को नियमों के उल्लंघन के लिए औपचारिक नोटिस जारी किए गए हैं। क्षेत्र में चल रही इस औचक कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है और कोचिंग हब की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जिन केंद्रों पर फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा के मानकों का अभाव मिलेगा, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी
इस कार्रवाई पर छात्रों और अभिभावकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अक्षय तिवारी नामक छात्र ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी सख्ती हमेशा क्यों नहीं की जाती? उन्होंने कहा कि ये संस्थान बरसों से चल रहे थे, लेकिन अधिकारियों की नींद केवल बड़े हादसों के बाद ही क्यों टूटती है? वहीं आकाश राठौर का कहना है कि सिर्फ सील लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सुरक्षा के प्रति स्थायी और सख्त व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि हर बार किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार न करना पड़े।
अग्निशमन विभाग की सफाई
कानपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) दीपक शर्मा ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दमकल विभाग ने समय समय पर केडीए को भवनों की सुरक्षा और फायर मानकों को लेकर पत्र भेजे थे, लेकिन पूर्व में उचित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के दौरान ही सुरक्षा मानकों की जांच करना अनिवार्य होना चाहिए ताकि घटनाओं को समय रहते रोका जा सके। फिलहाल, अग्निशमन विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।
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