IIT कानपुर प्लेसमेंट: CSE को पछाड़कर इस विभाग ने मारी बाजी, 100 फीसदी छात्रों को मिली नौकरी करियर एक महीने पहले 73
आईआईटी कानपुर की नवीनतम प्लेसमेंट रिपोर्ट ने एक पुरानी धारणा को तोड़ दिया है कि केवल कंप्यूटर साइंस के छात्र ही सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हैं। इस साल ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज विभाग ने 100 फीसदी प्लेसमेंट के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है।

IIT कानपुर की नई प्लेसमेंट रिपोर्ट ने चौंकाया

आमतौर पर जब भी आईआईटी के प्लेसमेंट की बात होती है, तो लोगों के जहन में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग यानी CSE का नाम सबसे पहले आता है। यह धारणा बनी हुई है कि इस क्षेत्र में नौकरी के अवसर सबसे ज्यादा और वेतन सबसे बेहतर होता है। हालांकि, IIT कानपुर की 2024-25 की ताजा प्लेसमेंट रिपोर्ट ने इस प्रचलित सोच को पूरी तरह से बदल दिया है। इस बार इंजीनियरिंग की सबसे लोकप्रिय ब्रांच को पछाड़कर ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज विभाग ने बाजी मारी है, जहां शत-प्रतिशत यानी 100 फीसदी छात्रों को प्लेसमेंट मिला है। संस्थान के इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि आधुनिक दौर में तकनीकी के साथ-साथ गैर-तकनीकी विषयों की भी मांग तेजी से बढ़ रही है।

80 फीसदी छात्रों को कैंपस से मिला रोजगार

संस्थान के स्टूडेंट्स प्लेसमेंट ऑफिस (SPO) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्लेसमेंट के इस सीजन में कुल 1,530 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। 18 मई 2025 तक की स्थिति देखें, तो इनमें से 1,225 छात्रों को सफलतापूर्वक नौकरियों के ऑफर मिल चुके हैं। यह कुल आवेदकों का लगभग 80 फीसदी है। इन आंकड़ों में 200 प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) और 29 अंतरराष्ट्रीय जॉब ऑफर शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि कई प्रतिभाशाली छात्रों ने नौकरी के बजाय अपना स्टार्टअप शुरू करने या उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने का फैसला किया है।

455 से ज्यादा कंपनियों ने जताया भरोसा

इस साल का प्लेसमेंट सीजन काफी सफल रहा है और इसमें 455 से अधिक नामचीन कंपनियों ने शिरकत की। इन कंपनियों ने टेक्नोलॉजी, कंसल्टिंग, मैन्युफैक्चरिंग, फाइनेंस और रिसर्च जैसे विविध क्षेत्रों में छात्रों को अवसर प्रदान किए। प्लेसमेंट ड्राइव का पहला चरण दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था, जो बेहद आक्रामक रहा। पहले ही दिन करीब 75 कंपनियों ने दस्तक दी और 115 अलग-अलग जॉब प्रोफाइल के लिए उम्मीदवारों का चयन किया। पहले दिन के अंत तक कुल 595 ऑफर दिए गए, जिनमें से 533 छात्रों ने तुरंत स्वीकार कर लिए।

अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट का प्रदर्शन

बीटेक, बीएस, डबल मेजर और ड्यूल डिग्री जैसे अंडरग्रेजुएट कार्यक्रमों की बात करें, तो 937 छात्रों ने प्लेसमेंट के लिए आवेदन किया था। इनमें से 799 छात्रों को नौकरी मिली, जो कि लगभग 85 फीसदी का आंकड़ा है। दूसरी ओर, एमटेक, एमएस, एमएससी, एमबीए, एमडिजाइन और पीएचडी जैसे पोस्टग्रेजुएट कार्यक्रमों में 593 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 426 छात्रों को नौकरी हासिल हुई। पोस्टग्रेजुएट कार्यक्रमों का कुल प्लेसमेंट प्रतिशत 72 फीसदी रहा है।

विभागवार आंकड़ों का विश्लेषण

प्लेसमेंट रिपोर्ट का सबसे चर्चित पहलू ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज विभाग रहा, जिसने 100 फीसदी प्लेसमेंट का कीर्तिमान स्थापित किया। इंजीनियरिंग विभागों में CSE का प्रदर्शन बेहतरीन रहा और इसने 97 फीसदी प्लेसमेंट के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। अन्य विभागों का हाल कुछ इस प्रकार रहा:

  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: 92 फीसदी
  • केमिकल इंजीनियरिंग: 87 फीसदी
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग: 82 फीसदी
  • बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग: 81 फीसदी
  • मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग: 79 फीसदी
  • मैथमैटिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स: 79 फीसदी
  • इकोनॉमिक साइंसेज: 75 फीसदी
  • फिजिक्स: 75 फीसदी
  • एयरोस्पेस इंजीनियरिंग: 71 फीसदी
  • मैनेजमेंट साइंसेज: 71 फीसदी
  • सिविल इंजीनियरिंग: 68 फीसदी
  • फोटोनिक्स साइंस एंड इंजीनियरिंग: 67 फीसदी
  • केमिस्ट्री: 55 फीसदी
  • कॉग्निटिव साइंस: 50 फीसदी
  • मैटेरियल्स साइंस प्रोग्राम: 38 फीसदी
  • अर्थ साइंसेज: 36 फीसदी
  • सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग: 33 फीसदी

इंटर्नशिप से मिली नौकरियों की राह

आईआईटी कानपुर में अब इंटर्नशिप भी प्री-प्लेसमेंट की एक मजबूत सीढ़ी बन गई है। पिछले सीजन में 200 छात्रों को इंटर्नशिप के आधार पर सीधे PPO मिले थे। 2024-25 के सीजन में कुल 589 इंटर्नशिप ऑफर दिए गए, जिनमें से 552 छात्रों ने इन्हें स्वीकार किया। भर्ती करने वाली प्रमुख कंपनियों में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, सैमसंग कोरिया, उबर, गोल्डमैन सैचस, मॉर्गन स्टेनली, बार्क्लेस, एचयूएल, आईटीसी और बेन एंड कंपनी जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल थीं।

विशेष पहल और नई उपलब्धियां

संस्थान ने पीएचडी छात्रों के लिए शोधस्पंदन 2025 नाम से एक खास प्लेसमेंट कैंपेन चलाया, जिसमें 20 से अधिक कंपनियों ने हिस्सा लिया और 12 शोधकर्ताओं का चयन किया। इसके अलावा, संस्थान के आउटरीच अभियान के कारण 71 नई कंपनियों ने पहली बार कैंपस का रुख किया। जापान की कंपनियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के चलते भी छात्रों को 16 अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय जॉब ऑफर मिले। यदि कोर्सेज के अनुसार देखें तो डबल मेजर प्रोग्राम का प्लेसमेंट 96 फीसदी रहा, जबकि एमडिजाइन ने 93 फीसदी के साथ शानदार प्रदर्शन किया। प्रमुख बीटेक कोर्स का प्लेसमेंट 86 फीसदी दर्ज किया गया है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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