रील की शूटिंग करने निकले थे, बन बैठे लुटेरे! महिला से छीना चमकता हार, निकला 500 रुपये का नकली, रायपुर से एक गिरफ्तार छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 3
छत्तीसगढ़ के कांकेर में रील बनाने निकले एक यूट्यूबर समूह ने महिला के गले से सोना समझकर हार झपट लिया, जो बाद में महज 500 रुपये का नकली गहना निकला। पुलिस ने सीसीटीवी और तकनीकी जांच के आधार पर रायपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और घटना में इस्तेमाल कार जब्त कर ली।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के दुर्गकोंदल थाना क्षेत्र में हुई एक झपटमारी की घटना ने पुलिस और स्थानीय लोगों, दोनों को चौंका दिया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस वारदात में शामिल लोग किसी पेशेवर अपराधी गिरोह से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करने वाले एक यूट्यूबर समूह से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार रायपुर से रील शूट करने निकले युवक-युवतियों ने रास्ते में एक महिला के गले में चमकता हुआ हार देखा और उसे सोने का आभूषण समझ बैठे। लालच इस कदर हावी हुआ कि उन्होंने वहीं झपटमारी की योजना बना डाली। महिला खेत से लौट रही थी और उसे जरा भी अंदेशा नहीं था कि कुछ ही पलों में वह अपराध का शिकार होने वाली है। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकले, मगर पुलिस ने तकनीकी जांच के सहारे पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एक आरोपी को रायपुर से पकड़ा गया है और घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली गई है।

यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है, क्योंकि जिस हार को आरोपी सोने का समझकर लूट ले गए, वह असल में महज 500 रुपये कीमत का नकली गहना निकला। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने चमकते हार को असली सोना मान लिया था। हकीकत सामने आने के बाद यह घटना सोशल मीडिया, अपराध और लालच के खतरनाक मेल का उदाहरण बन गई।

रील शूटिंग का प्लान और फिर बदल गई कहानी

पुलिस के मुताबिक 3 जून को रायपुर निवासी सूर्य गुप्ता, माही बंजारे, आशीष भट्टाचार्य और कैमरामैन पवन किराये की कार से पंखाजूर की ओर रवाना हुए थे। बताया गया कि यह समूह सोशल मीडिया कंटेंट और रील शूटिंग के मकसद से निकला था। रास्ते में तेज गर्मी और आर्थिक तंगी की बातचीत के बीच आगे का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। इसी बीच दुर्गकोंदल क्षेत्र के विक्रमगंज गांव के पास उनकी नजर खेत से लौट रही महिला कुमारी बाई साहू पर पड़ी।

चमकते हार ने बदल दी नीयत

जांच में सामने आया कि महिला के गले में चमकीला हार देखकर आरोपियों को वह सोने का आभूषण प्रतीत हुआ। आरोप है कि एक युवक कई बार कार से उतरकर महिला के पास पहुंचा। पहले उससे सामान्य बातचीत की गई और फिर मौका मिलते ही हार झपटकर आरोपी कार में सवार होकर फरार हो गए।

महिला की शिकायत बनी जांच की पहली कड़ी

घटना के बाद महिला ने दुर्गकोंदल थाने में शिकायत दर्ज कराई। वह वाहन का नंबर तो नहीं देख पाई थी, लेकिन उसने पुलिस को सफेद रंग की डिजायर कार होने और कुछ अन्य विवरण बताए। यही जानकारी आगे चलकर जांच में अहम साबित हुई।

सीसीटीवी और मोबाइल डेटा से खुला राज

भानुप्रतापपुर पुलिस ने आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल की। कार की पहचान होने के बाद पुलिस ने मोबाइल टावर डंप और लोकेशन विश्लेषण का सहारा लिया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया और एक आरोपी आशीष भट्टाचार्य को रायपुर स्थित फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई। पुलिस अब अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

नकली हार बना पूरी कहानी का ट्विस्ट

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस हार को सोने का समझकर छीना गया था, वह असली सोना था ही नहीं। उसकी कीमत करीब 500 रुपये बताई जा रही है। यह खुलासा होने के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि गहना असली हो या नकली, झपटमारी एक गंभीर अपराध है और कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और इससे जुड़े सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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