राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
4
विचारों
विवाद की शुरुआत
राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर बॉलीवुड के गलियारों में बहस छिड़ गई है। दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने हाल ही में इस गीत के कुछ अंशों पर धार्मिक आपत्ति जाहिर की है। उनका तर्क है कि जो लोग एकेश्वरवाद यानी एक ईश्वर में विश्वास रखते हैं, उनके लिए इस गीत में वर्णित देवी-देवताओं के संदर्भ सहज नहीं होते हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और फिल्म जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
कंगना रनौत का कड़ा प्रहार
शर्मिला टैगोर की इस टिप्पणी पर अभिनेत्री कंगना रनौत ने तीखा रुख अपनाया है। कंगना ने स्पष्ट किया कि कविता, कला और साहित्य को केवल धार्मिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने वंदे मातरम को केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की उस धड़कन और देश की आंतरिक शक्ति का प्रतीक बताया है जिसने गुलामी के दौर में लोगों में जोश भरा था। कंगना के अनुसार, राष्ट्र प्रेम और कला के प्रतीकों को संकुचित विचारधारा में बांधना गलत है।
पहले भी सुर्खियों में रही हैं कंगना
यह पहला मौका नहीं है जब कंगना रनौत किसी बड़े नाम के साथ बहस को लेकर चर्चा में आई हैं। इससे पहले वे बाबा रामदेव के साथ हुई तीखी जुबानी जंग को लेकर भी काफी सुर्खियों में रही थीं। अपनी बेबाक बयानों के लिए जानी जाने वाली कंगना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे सार्वजनिक मंचों पर अपनी राय रखने में पीछे नहीं हटती हैं, चाहे मामला राष्ट्रगीत से जुड़ा हो या किसी अन्य बड़े व्यक्तित्व के साथ वैचारिक मतभेद का हो।
Comments
0 comment