तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी के बयान से बढ़ी सियासी गर्माहट, सुवेंदु के साथ इंदिरा गांधी पर भी साधा निशाना राष्ट्रीय राजनीति 2 महीने पहले 56
तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में रैली की अनुमति न मिलने पर तीखा विरोध जताया है, लेकिन इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर की गई उनकी टिप्पणी से कांग्रेस असहज हो सकती है।

कल्याण बनर्जी का विवादित बयान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी का एक हालिया बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। 21 जुलाई को होने वाली रैली के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने पर भड़के बनर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक तरीके से होने वाले विरोध प्रदर्शनों की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रही है। हालांकि, सरकार की आलोचना करते हुए बनर्जी ने जो तुलना की, उसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

इंदिरा गांधी का जिक्र और कांग्रेस की असहजता

अपनी तीखी बयानबाजी के दौरान कल्याण बनर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर रे का नाम घसीट लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे उन्हीं के रास्ते पर चल रहे हैं, जिसे उन्होंने निरंकुश और तानाशाही करार दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय पर आया है जब तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इंदिरा गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी कांग्रेस के लिए कड़वी साबित हो सकती है, जो पहले ही विपक्षी एकता को लेकर जद्दोजहद कर रही है।

विपक्ष की एकजुटता और चुनावी धांधली के आरोप

कल्याण बनर्जी ने इंडिया गठबंधन की ओर से भविष्य की रणनीतियों का खुलासा करते हुए कहा कि सभी सहयोगी दल मिलकर सीजेआई को पत्र लिखने की तैयारी में हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार के चुनावों में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान और वोट चोरी की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन इन मुद्दों को लेकर अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अंडे फेंके जाने जैसी घटनाओं पर हाई कोर्ट ने भी गहरी चिंता जताई है और पुलिस महानिदेशक को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

कीर्ति आजाद का भाजपा पर हमला

इस पूरे मामले पर तृणमूल नेता कीर्ति आजाद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई की रैली के लिए अनुमति मांगी गई थी, लेकिन जो कार्यकर्ता वहां स्थान देखने गए, उनके खिलाफ ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। आजाद ने दावा किया कि भाजपा आगामी 2029 के चुनावों के परिणामों को लेकर डरी हुई है और विपक्षी सांसदों को तोड़कर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश में है। उन्होंने आरोप लगाया कि 91 लाख वोट जानबूझकर काटे गए हैं और ऐसी ही धांधली महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा और बिहार में भी की गई है। उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा चुनाव जीतने में सक्षम नहीं है, इसलिए वह ऐसी ओछी हरकतों पर उतर आई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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