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एक घंटा पहले
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उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा को लेकर एक रोचक स्थिति देखने को मिली। लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन तो किया, लेकिन परीक्षा देने केंद्रों तक केवल आधे ही पहुंचे। यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की ओर से कराई गई इस परीक्षा में दो दिनों के भीतर कुल 4.34 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि लगभग इतने ही उम्मीदवारों ने परीक्षा से दूरी बना ली।
आयोग के आंकड़ों पर गौर करें तो दोनों दिन मिलाकर कुल पंजीकृत उम्मीदवारों में से सिर्फ 50.02 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। बाकी करीब आधे उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके।
दो दिनों में 4.34 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 01/2022 के अंतर्गत टीजीटी संवर्ग के 15 विषयों की लिखित परीक्षा कराई जा रही है। परीक्षा का दूसरा दिन गुरुवार को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन माहौल में पूरा हुआ।
आयोग के मुताबिक 3 जून 2026 को हुई परीक्षा में 2,21,489 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 4 जून 2026 को 2,12,975 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। इस प्रकार दोनों दिन को मिलाकर कुल 4,34,464 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे। हालांकि यह संख्या कुल पंजीकृत उम्मीदवारों की महज 50.02 प्रतिशत है, यानी लगभग आधे अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।
36 जिलों में बने सैकड़ों परीक्षा केंद्र
यह भर्ती परीक्षा प्रदेश के 36 जिलों में आयोजित की गई। दूसरे दिन पहली पाली में 504 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई, जबकि दूसरी पाली में 471 केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि पहली पाली में अंग्रेजी, गृह विज्ञान, जीव विज्ञान और संगीत वादन विषय की परीक्षा कराई गई। वहीं दूसरी पाली में संस्कृत, वाणिज्य और कला विषय के अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
पुरुष उम्मीदवारों की उपस्थिति 52.17 प्रतिशत
आयोग के आंकड़ों के अनुसार 3 जून को हुई परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 45.41 प्रतिशत रही, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति 52.42 प्रतिशत दर्ज की गई।
वहीं 4 जून को महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति बढ़कर 49.16 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि पुरुष उम्मीदवारों की उपस्थिति 52.17 प्रतिशत रही। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दूसरे दिन महिला उम्मीदवारों की भागीदारी पहले दिन की तुलना में बेहतर रही।
एआई कैमरों से हुई हर केंद्र की निगरानी
परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया। आयोग मुख्यालय में एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम बनाया गया, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रखी गई। आयोग के सदस्य, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी निगरानी में जुटे रहे।
एआई आधारित कैमरों, बायोमेट्रिक सत्यापन और आधुनिक निगरानी प्रणाली के जरिए परीक्षार्थियों की हर गतिविधि पर निगाह रखी गई।
वाराणसी में पकड़ा गया फर्जी परीक्षार्थी
कड़ी निगरानी के बीच वाराणसी में एक बड़ी गड़बड़ी भी सामने आई। सत्यापन के दौरान एक व्यक्ति दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया। आयोग ने तत्काल उस फर्जी परीक्षार्थी को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आयोग का कहना है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नकलविहीन और पारदर्शी रहा आयोजन
आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। एआई मॉनिटरिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के चलते पूरी परीक्षा निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से संपन्न हुई।
उन्होंने परीक्षा के सफल आयोजन में सहयोग के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, केंद्र व्यवस्थापकों तथा आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार भी जताया।
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