बिहार में सरकारी नौकरियों की बहार, 8054 राजस्व कर्मियों और 765 अमीन की होगी भर्ती करियर एक महीने पहले 60
बिहार सरकार ने राजस्व विभाग में हजारों पदों पर नई नियुक्तियों का ऐलान किया है, जिसके लिए आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया गया है।

भर्ती प्रक्रिया का ऐलान

बिहार में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभाग में बड़े स्तर पर बहाली की घोषणा की है। सरकार जल्द ही 8054 राजस्व कर्मियों और 765 अमीन के पदों पर भर्ती शुरू करने जा रही है। इन पदों को भरने के लिए राज्य कर्मचारी चयन आयोग यानी BSSC को आधिकारिक प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

खाली पदों का विवरण

वर्तमान में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में काम के बोझ और डिजिटल प्रक्रिया को गति देने के लिए नई नियुक्तियां आवश्यक हैं। राज्य में अमीन के कुल 2502 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से अभी केवल 1197 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। शेष रिक्तियों को भरने के साथ ही कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए हर ग्राम कचहरी में डेटा एंट्री ऑपरेटर की भी नियुक्ति की जाएगी।

शैक्षणिक योग्यता और सैलरी

अमीन और राजस्व कर्मी के पदों के लिए आवेदन करने वाले इच्छुक उम्मीदवारों के लिए पात्रता के कुछ मानक तय हैं:

  • योग्यता: उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 12वीं पास होना अनिवार्य है।
  • आयु सीमा: सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा लगभग 37 वर्ष है, जबकि आरक्षित वर्गों और महिलाओं को सरकारी नियमानुसार आयु में छूट का प्रावधान मिलेगा।
  • वेतनमान: अमीन का पद 7वें वेतन आयोग के तहत पे लेवल-3 में आता है। इनका मूल वेतन 21,700 रुपये से शुरू होकर 69,100 रुपये तक होता है। विभिन्न भत्ते जुड़ने के बाद कुल मासिक वेतन लगभग 28,000 रुपये से 33,000 रुपये के बीच रहने की संभावना है।

राजस्व कर्मियों की भूमिका

राजस्व कर्मी विभाग के फील्ड स्तर के मुख्य कर्मचारी होते हैं। इनका मुख्य दायित्व भूमि संबंधी दस्तावेजों जैसे खाता, खसरा, लगान और म्यूटेशन आदि के रखरखाव से जुड़ा होता है। इन्हें लेखापाल की भूमिका में भी देखा जाता है, जो जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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