फ्लाईदुबई विमान हमले पर यूएई का आधिकारिक रुख, राष्ट्रपति के सलाहकार ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की तारीफ की विश्व एक घंटा पहले 6
दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के भीतर हुए हमले को लेकर संयुक्त अरब अमीरात ने पहली बार कड़ा रुख अपनाया है। यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गश ने इसे आतंकी कृत्य करार देते हुए भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की प्रशंसा की है।

फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले पर यूएई की सख्त टिप्पणी

दुबई से तेल अवीव की उड़ान भर रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई कॉकपिट हिंसा की घटना को लेकर संयुक्त अरब अमीरात ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के प्रमुख सलाहकार अनवर गर्गश ने इस घटना को स्पष्ट रूप से एक खतरनाक आतंकी कृत्य के रूप में परिभाषित किया है। यह पहली बार है जब यूएई प्रशासन की ओर से किसी उच्चाधिकारी ने सार्वजनिक रूप से इस घटना को आतंकवाद से जोड़कर देखा है। हालांकि, घटना की विस्तृत जांच अभी भी अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के अधीन है और हमले के वास्तविक उद्देश्यों को उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है।

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के साहस को सलाम

अनवर गर्गश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया है। गर्गश का मानना है कि बेहद विषम और जानलेवा परिस्थितियों में भारतीय पायलट ने जिस स्तर की जिम्मेदारी और साहस का परिचय दिया, वह वास्तव में अनुकरणीय है। अपने संदेश में गर्गश ने कहा कि फ्लाईदुबई के पायलट स्मित मच्छर हर तरह की प्रशंसा के हकदार हैं, क्योंकि उन्होंने एक भयानक आतंकी कृत्य और संभावित बड़ी त्रासदी को रोकने के लिए अद्भुत संयम दिखाया।

पेशेवर कुशलता और नैतिक जिम्मेदारी

यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जब कॉकपिट के भीतर संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई, तब कैप्टन मच्छर ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने कहा कि अत्यंत अंधकारमय और चुनौतीपूर्ण स्थितियों में भी कैप्टन मच्छर का पेशेवर रवैया और उनकी नैतिक प्रतिबद्धता उन्हें एक सच्चे नायक के रूप में स्थापित करती है। साथ ही उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की कि वे किसी भी तरह की जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकालें या आधारहीन साजिशों को बढ़ावा देने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में आतंकवाद और चरमपंथ की चुनौतियों का सामना करने के लिए सावधानी और सतर्कता सबसे आवश्यक हथियार है।

जांच के दायरे में को-पायलट की विचारधारा

घटना की जांच में अब यह पहलू मुख्य केंद्र बन गया है कि क्या को-पायलट किसी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित था। इजरायल के मीडिया हाउस i24 News की एक रिपोर्ट में अमीराती सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि आरोपी को-पायलट के निजी सामान से फिलिस्तीन समर्थक सामग्री और 'फ्री फिलिस्तीन' समूहों से संबंधित पर्चे बरामद किए गए थे। बताया जा रहा है कि पायलट अक्सर इजरायल विरोधी और फिलिस्तीन समर्थक बातें करता था। हालांकि, अधिकारी इन दावों की सत्यता की पुष्टि में जुटे हैं और अभी तक इन्हें अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है।

इजरायली प्रधानमंत्री का घटनाक्रम पर बयान

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स एंड फ्रेंड्स के साथ एक चर्चा के दौरान कॉकपिट के भीतर घटे घटनाक्रम का विवरण दिया। नेतन्याहू के अनुसार, आरोपी ने संभवतः किसी कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा के तहत प्रशिक्षण लिया था। उन्होंने बताया कि जब हमला हुआ, तब क्रू के सदस्यों ने बड़ी सूझबूझ दिखाते हुए ईयरफोन की तारों और प्लास्टिक कफ का उपयोग करके हमलावर को नियंत्रित किया। प्रधानमंत्री ने यह भी साझा किया कि पकड़े जाने के बाद हमलावर फर्श पर लेटकर बार-बार चिल्ला रहा था कि उसे मार दिया जाए। फिलहाल इजरायली जांचकर्ता भी इस मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

30 सितंबर की वह डरावनी उड़ान FZ1073

यह पूरी घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या FZ1073 में घटित हुई थी। दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई यह फ्लाइट अभी हवा में ही थी कि अचानक को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले के बाद विमान अचानक 16 हजार फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने लगा था। चालक दल के लिए स्थिति इतनी भयावह थी कि उन्होंने हाईजैकिंग का आपातकालीन सिग्नल जारी कर दिया था।

इमरजेंसी लैंडिंग और जान की सुरक्षा

बावजूद इसके कि कैप्टन स्मित मच्छर बुरी तरह घायल हो गए थे, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद विमान में सवार अन्य क्रू और यात्री, जिनमें दो पायलट भी शामिल थे जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे, उन्होंने मिलकर को-पायलट को काबू किया। विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक में उतारा गया। यह पूरा मामला सुरक्षा मानकों और पायलटों की सूझबूझ की एक बड़ी परीक्षा बन गया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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