झुंझुनूं: एक साथ उठी पूरे परिवार की अर्थियां, नौसेना जवान समेत चार लोगों के अंतिम संस्कार से गमगीन हुआ गांव राजस्थान 5 घंटे पहले 3
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक ही परिवार के चार सदस्यों के अंतिम संस्कार के दौरान पूरा गांव शोक में डूब गया। मुंबई में भारतीय नौसेना के जवान, उनकी पत्नी और दो बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद गांव में मातम पसरा है।

ककराना गांव में पसरा सन्नाटा

राजस्थान के झुंझुनूं जिले का ककराना गांव सोमवार को बेहद भावुक और गमगीन माहौल का गवाह बना। यहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिन लोगों को विदाई दी गई, उनमें भारतीय नौसेना के जवान पूरणमल मेहरा, उनकी पत्नी ओमा मेहरा और उनके दो मासूम बच्चे शामिल थे। 15 अगस्त को मुंबई में इन चारों की संदिग्ध हालातों में जान चली गई थी। सोमवार को जब उनके शव गुढ़ागौड़जी थाने से सेना की गाड़ी में ककराना गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि हंसता-खेलता परिवार इस तरह हमेशा के लिए खामोश हो जाएगा।

भावुक कर देने वाली अंतिम विदाई

अंतिम संस्कार के दृश्य ने वहां मौजूद हर शख्स को रुला दिया। नौसेना जवान पूरणमल की अंतिम यात्रा सेना के वाहन में निकाली गई, जबकि उनकी पत्नी ओमा की अर्थी को परिजनों ने अपने कंधों पर उठाया। सबसे अधिक मार्मिक दृश्य वह था जब पूरणमल के तीन वर्षीय बेटे यश और तीन महीने की नन्ही बेटी के शवों को ग्रामीण और परिजन गोद में लेकर श्मशान घाट तक पहुंचे। श्मशान में नौसेना के जवानों ने अपने साथी पूरणमल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सम्मान के तौर पर सेना के जवानों ने पूरणमल के पिता शंभू दयाल मेहरा को तिरंगा सौंपा। इसके बाद एक ही चिता पर पति-पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया, जिसे पूरणमल के छोटे भाई मुकेश कुमार ने मुखाग्नि दी।

करीब छह दिन पहले हुई थी बातचीत

पूरणमल के परिवार ने बताया कि वर्ष 2015 में उन्होंने जोधपुर से नौसेना में सेवा शुरू की थी। उनकी शादी वर्ष 2020 में सीकर जिले के खंडेला निवासी ओमा मेहरा से हुई थी। पूरणमल करीब नौ महीने पहले छुट्टी पर ककराना गांव आए थे। परिजनों के अनुसार, उनसे फोन पर आखिरी बातचीत लगभग छह दिन पहले हुई थी। पिछले तीन दिनों से जब लगातार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, तो परिवार की चिंता बढ़ गई, और बाद में आई सूचना ने सबको तोड़कर रख दिया। पूरणमल तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई बृजलाल मेहरा भी सेना में कार्यरत हैं, जबकि पिता शंभू दयाल गांव में ही किराना की दुकान चलाते हैं।

मुंबई में संदिग्ध हालात में मिली थी मौत

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त को मुंबई के हाई-सिक्योरिटी नेवी नगर स्थित सरकारी आवास में पूरणमल मेहरा का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया था। वहीं, उनकी पत्नी ओमा मेहरा और दोनों मासूम बच्चों के शव बिस्तर पर मिले थे। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हिलाकर रख दिया है। मुंबई पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच में पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव और अन्य तमाम पहलुओं को खंगाला जा रहा है। बच्चों और महिला की मौत के मामले में जहर दिए जाने या सेवन करने की संभावना पर भी पुलिस काम कर रही है।

हत्या या आत्महत्या की गुत्थी

फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि यह मामला हत्या का है या आत्महत्या का। मौके से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अभी तक इस घटना में किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। अंतिम संस्कार के समय ककराना गांव में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। एक ही घर से चार लोगों की अर्थियां उठते देख ग्रामीणों के आंसू नहीं रुक रहे थे। पूरा इलाका इस हृदयविदारक घटना के बाद गहरे शोक और सन्नाटे में डूबा हुआ है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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