जौन एलिया के दिल को छू लेने वाले मशहूर शेर, जो आज भी जिंदा हैं जीवनशैली एक महीने पहले 19
बीसवीं सदी के बेमिसाल उर्दू शायर जौन एलिया की जिंदगी और उनके चुनिंदा यादगार शेरों का एक संग्रह, जिनमें तन्हाई और दर्द की गहरी झलक मिलती है।

उर्दू अदब की दुनिया में जौन एलिया एक ऐसा नाम हैं, जिनकी पहचान उनके निराले अंदाज़, बेबाक लहजे और तन्हाई व दर्द को शब्दों में ढाल देने की कला से होती है। बीसवीं सदी के सबसे चर्चित और लीक से हटकर लिखने वाले इस शायर का असली नाम सैयद जौन असगर था। उनकी रचनाएं आज भी पाठकों के दिलों में बसी हुई हैं।

जौन एलिया का जीवन और सफर

जौन एलिया का जन्म 14 दिसंबर 1931 को भारत के अमरोहा में हुआ था। वह एक बेहद शिक्षित और साहित्यिक रुझान वाले परिवार से ताल्लुक रखते थे। भारत के विभाजन के काफी समय बाद, यानी 1957 में, वह पाकिस्तान चले गए। मगर अमरोहा और अपने वतन भारत की यादें उनके मन से कभी ओझल नहीं हुईं, और यही टीस उनकी शायरी में बार-बार उभरकर सामने आती है।

जौन एलिया सिर्फ एक शायर ही नहीं थे, बल्कि अरबी, फारसी, दर्शन और इतिहास के गहरे जानकार भी थे। मुशायरों में उनका पढ़ने का तरीका भी सबसे जुदा था—बिखरे बाल, हवा में लहराते हाथ और बेहद आक्रामक व नाटकीय अंदाज़ में अपनी बात कहना, जिसे सुनने वाले दिल खोलकर सराहते थे।

जौन एलिया के मशहूर शेर

1. सब मेरे बग़ैर मुतमइन हैं
मैं सब के बग़ैर जी रहा हूं

2. ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में

3. हम कहां और तुम कहां जानां
हैं कई हिज्र दरमियां जानां

4. वफ़ा इख़्लास क़ुर्बानी मोहब्बत
अब इन लफ़्ज़ों का पीछा क्यूं करें हम

5. जो गुज़ारी न जा सकी हम से
हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है

6. आज मुझ को बहुत बुरा कह कर
आप ने नाम तो लिया मेरा

7. सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं
और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं

8. क्या कहा इश्क़ जावेदानी है!
आख़िरी बार मिल रही हो क्या

9. उस ने गोया मुझी को याद रखा
मैं भी गोया उसी को भूल गया

10. याद उसे इंतिहाई करते हैं
सो हम उस की बुराई करते हैं

11. मुस्तक़िल बोलता ही रहता हूं
कितना ख़ामोश हूं मैं अंदर से

12. बहुत नज़दीक आती जा रही हो
बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या

13. आईनों को ज़ंग लगा
अब मैं कैसा लगता हूं

14. हुस्न कहता था छेड़ने वाले
छेड़ना ही तो बस नहीं छू भी

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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