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एक घंटा पहले
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राम चरण की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म को जहां दर्शकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है, वहीं जाह्नवी कपूर से जुड़े दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई यूजर्स ने जहां एक्ट्रेस को निशाने पर लिया, तो कुछ ने डायरेक्टर बुची बाबू साना की भी खिंचाई की। अब बॉलीवुड के कई कलाकार भी इस मसले पर खुलकर अपनी राय रख रहे हैं और 'पेद्दी' में जाह्नवी के किरदार को लेकर निराशा जता चुके हैं। यूजर्स का आरोप है कि मेकर्स ने एक्ट्रेस को फिल्म में महज एक प्रॉप की तरह पेश किया और उन्हें ओवर-सेक्शुअलाइज किया गया। साउथ से लेकर हिंदी सिनेमा तक से लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और अब इसी कड़ी में राम चरण और जाह्नवी के को-स्टार जगपति बाबू ने भी अपनी बात रखी है।
जाह्नवी के समर्थन में आए जगपति बाबू
'पेद्दी' में जाह्नवी कपूर को ओवर-सेक्शुअलाइज किए जाने को लेकर खूब हंगामा मचा हुआ है। इस पर डायरेक्टर बुची बाबू साना माफी मांग चुके हैं और अब फिल्म में नजर आए जगपति बाबू ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए एक्ट्रेस का बचाव किया है। जगपति बाबू का कहना है कि जाह्नवी ने ठीक वही किया जो डायरेक्टर ने उनसे करने को कहा था, इसलिए पूरे विवाद में उन्हें घेरना उचित नहीं है।
जगपति बाबू ने क्या कहा
रिपोर्ट के अनुसार, जाह्नवी कपूर का बचाव करते हुए जगपति बाबू ने कहा - 'फिल्म के क्रिएटिव फैसलों के लिए किसी कलाकार को ट्रोल करना गलत है। उस बेचारी लड़की ने तो सिर्फ वही किया जो डायरेक्टर ने उसे करने को कहा था। कई बार चीजें वैसी नहीं होतीं जैसा हम सोचते हैं। कभी-कभी चीजें गलत हो जाती हैं और ऐसा हो सकता है। इस मामले में मैं जाह्नवी के साथ हूं। उन्हें निशाना बनाना ठीक नहीं है। लोग उन्हें ट्रोल करके उनका मानसिक तनाव न बढ़ाएं।'
डायरेक्टर बूची बाबू साना ने मांगी थी माफी
गौरतलब है कि इससे पहले फिल्म के डायरेक्टर बूची बाबू साना भी इस पूरे विवाद पर माफी मांग चुके हैं। उन्होंने हाल ही में एक्स पर एक पोस्ट साझा कर इस मुद्दे को लेकर खेद जताया था। उन्होंने कहा कि उनके मन में महिलाओं के लिए गहरा सम्मान है और वह जाह्नवी के विवादित दृश्यों को पूरी तरह बदल देंगे। इसके अलावा जया बच्चन भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुकी हैं। एक बातचीत में उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को सेट पर ही पहले सुलझा लेना चाहिए और डायरेक्टर्स को तुरंत रोककर एक सीमा तय करनी चाहिए, ताकि कोई भी किसी कलाकार को इस तरह पेश करने की हिम्मत न कर सके।
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