जमुई के सचिन ने रचा इतिहास: 7 सरकारी नौकरियां हासिल करने के बाद अब बने एसडीएम बिहार एक महीने पहले 43
बिहार के जमुई जिले के रहने वाले सचिन दास देवगर ने कड़े संघर्ष के बाद 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता पाई है। मटन शॉप चलाने वाले पिता के बेटे सचिन अब एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं देंगे।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

बिहार के जमुई जिले के एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आने वाले 28 वर्षीय सचिन दास देवगर ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से एक नई मिसाल पेश की है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में पले-बढ़े सचिन के पिता मटन की दुकान चलाते हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। सचिन ने अपनी प्राथमिक शिक्षा के लिए प्रतिदिन 8 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय किया और आज वे सरकारी सेवा में एक बड़े मुकाम पर पहुंच गए हैं।

लगातार 7 सरकारी नौकरियों का रिकॉर्ड

सचिन की सफलता की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने एक के बाद एक 7 सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। उनकी सफलता का सफर कुछ इस प्रकार रहा है:

  • नेवी में चयन।
  • रेलवे ग्रुप डी में तीन महीने की नौकरी।
  • रेलवे में ही टेक्नीशियन का पद।
  • एसएससी परीक्षा पास कर सेक्शन ऑफिसर बने।
  • 69वीं बीपीएससी परीक्षा में रेवेन्यू ऑफिसर का पद हासिल किया।
  • अब 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 104वीं रैंक हासिल कर एसडीएम का पद प्राप्त किया है।

वर्तमान में सचिन बेगूसराय जिले में रेवेन्यू ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं।

परिवार और आगे का लक्ष्य

सचिन के माता-पिता, सुरेश देवगर और शांति देवी ने विपरीत परिस्थितियों में भी एक-एक रुपया जोड़कर अपने बेटे को शिक्षित किया। परिवार का कहना है कि उनकी मेहनत आज रंग लाई है। वहीं, अपनी इस उपलब्धि पर सचिन का कहना है कि उनका अगला लक्ष्य यूपीएससी परीक्षा पास करना है। एक अधिकारी के तौर पर वे पूरी ईमानदारी के साथ आम जनता की सेवा करना चाहते हैं। उनकी इस बड़ी कामयाबी पर क्षेत्र के लोग उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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