हरियाणा
एक घंटा पहले
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कुरुक्षेत्र में छत गिरने से दंपति की जान गई
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा हलके के अंतर्गत आने वाले बड़ौंदी गांव में भारी बारिश के कारण एक दुखद हादसा सामने आया है। यहां मूसलाधार बारिश की चपेट में आकर एक मकान की छत अचानक ढह गई, जिसके नीचे दबने से करनैल सिंह और उनकी पत्नी जसविंदर कौर की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव में मातम का माहौल पैदा कर दिया है।
स्थानीय निवासियों को जैसे ही इस हादसे की सूचना मिली, वे तुरंत बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे के नीचे दबे दंपति को बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल का मुआयना किया और जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक अनुमानों के अनुसार, मकान की छत जर्जर और कमजोर होने के कारण यह हादसा हुआ, जिसे बारिश ने और अधिक खतरनाक बना दिया।
अंबाला और अन्य जिलों में जमकर बरसे बादल
हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में मंगलवार को मानसून की सक्रियता साफ देखी गई। अंबाला और पंचकूला में सुबह से ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जो लगातार पांच घंटे तक जारी रहा। अंबाला में बीते 24 घंटों में 94.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस लगातार हो रही बरसात ने पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से जूझ रहे निवासियों को काफी राहत प्रदान की है। हालांकि, जलभराव की कुछ समस्याएं जरूर सामने आईं, लेकिन नगर निगम के प्रयासों से पानी की निकासी भी जल्द हो गई।
राज्य के अन्य हिस्सों के मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों के दौरान हिसार में 4.4 मिलीमीटर, नारनौल में 22 मिलीमीटर, सिरसा में 16 मिलीमीटर, फतेहाबाद में 2.5 मिलीमीटर और यमुनानगर में 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पंचकूला में भी सुबह करीब 7:30 बजे से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने मौसम को काफी खुशनुमा बना दिया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बारिश से न केवल गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि जमीन के गिरते भूजल स्तर (वॉटर लेवल) में भी सुधार होने की उम्मीद है। फल और सब्जी विक्रेताओं ने भी माना कि हालांकि बारिश के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम रही, लेकिन तपती गर्मी से निजात मिलना बड़ी राहत की बात है।
झज्जर में प्रशासन के दावों की खुली पोल
बारिश के चलते झज्जर शहर की स्थिति काफी गंभीर हो गई है, जहां जलभराव ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। शहर के मुख्य मार्गों और चौराहों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। जलमग्न इलाकों में पुरानी तहसील रोड, महिला पुलिस थाना रोड, अंबेडकर चौक, भगत सिंह चौक, माता गेट मोहल्ला, सिलानी गेट, घोसियान मोहल्ला और सदर पुलिस स्टेशन के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
सड़कों पर रेंगते वाहनों और जलभराव के बीच जूझते लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल निकासी के नाम पर करीब 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित होने के बावजूद हर बार बारिश में शहर की स्थिति बदतर हो जाती है। लाखों-करोड़ों के विकास कार्यों के दावे धरातल पर नाकाम साबित हो रहे हैं और मामूली बारिश भी शहर को तालाब में तब्दील कर देती है। मौसम विभाग ने आगे भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया है, जिससे नागरिकों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
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