105 साल पुरानी टेलर शॉप: कभी ₹1 में सिलती थी पैंट, अब तीसरी पीढ़ी के हाथ में कारोबार की कमान झारखंड एक घंटा पहले 2
जमशेदपुर के बिष्टुपुर में स्थित एच.के. भौमिक टेलर्स पिछले 105 साल से बेहतरीन कारीगरी की मिसाल बनी हुई है। रेडीमेड कपड़ों के दौर में भी इस दुकान को परिवार की तीसरी पीढ़ी संभाल रही है और ग्राहकों का भरोसा कायम है।

जमशेदपुर देश के उन गिने-चुने शहरों में से एक है, जहां आधुनिकता के साथ-साथ पुरानी विरासत और परंपराएं आज भी जिंदा हैं। शहर की ऐसी ही एक पहचान है बिष्टुपुर में स्थित एच.के. भौमिक टेलर्स, जो बीते 105 वर्षों से लोगों के भरोसे और उम्दा कारीगरी का प्रतीक बनी हुई है। रेडीमेड कपड़ों के इस दौर में भी यह दुकान अपनी गुणवत्ता और फिटिंग के बूते ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है।

शहर के इतिहास से जुड़ी है दुकान की कहानी

इस दुकान का इतिहास शहर के इतिहास से भी गहराई से जुड़ा है। मौजूदा संचालक बनवीर भौमिक बताते हैं कि उनके दादा एच.के. भौमिक ने वर्ष 1921 में इस टेलरिंग कारोबार की नींव रखी थी। उस समय जमशेदपुर एक नए औद्योगिक शहर के रूप में आकार ले रहा था। इसके बाद उनके पिता सुशील कुमार भौमिक ने इस विरासत को आगे बढ़ाया और अब तीसरी पीढ़ी के तौर पर बनवीर भौमिक इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं।

कभी 1 रुपये 65 पैसे में होती थी पैंट की सिलाई

बनवीर बताते हैं कि दुकान के पुराने रजिस्टर और बिल आज भी उनकी विरासत की कहानी बयां करते हैं। एक दौर ऐसा भी था, जब यहां पैंट की सिलाई महज 1 रुपये 65 पैसे में हुआ करती थी, जबकि सूट सिलने का शुल्क करीब 54 रुपये था। वक्त के साथ महंगाई बढ़ती गई और आज एक सूट सिलवाने की कीमत करीब 4600 रुपये तथा पैंट की सिलाई लगभग 800 रुपये तक पहुंच गई है। हालांकि, गुणवत्ता और फिटिंग के मामले में दुकान ने कभी कोई समझौता नहीं किया।

मुंबई से किया फैशन डिजाइनिंग का कोर्स

दिलचस्प बात यह है कि बनवीर भौमिक ने मुंबई से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है। उन्होंने वहां करीब तीन साल तक काम भी किया, लेकिन बाद में उन्हें यह एहसास हुआ कि अपने शहर लौटकर पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाना ही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ वे जमशेदपुर लौट आए और आज पूरी लगन से इस ऐतिहासिक दुकान को चला रहे हैं।

तीन से चार पीढ़ियां यहीं सिलवाती हैं कपड़े

एच.के. भौमिक टेलर्स की पहचान सिर्फ इसके पुराने होने से नहीं है, बल्कि यहां की बारीक कारीगरी और ग्राहकों के साथ बने भरोसे से है। बनवीर बताते हैं कि उनके ग्राहकों में सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि बड़े उद्योगपति, टाटा समूह से जुड़े अधिकारी, जनप्रतिनिधि और कई प्रतिष्ठित परिवार भी शामिल हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं, जिनकी तीन से चार पीढ़ियां इसी दुकान से कपड़े सिलवाती आ रही हैं।

बेहतरीन फिनिशिंग से बनी अलग पहचान

उम्दा फिनिशिंग के लिए यहां उच्च गुणवत्ता वाले धागे, कैंची और दूसरी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि रेडीमेड कपड़ों के बढ़ते चलन के बावजूद एच.के. भौमिक टेलर्स आज भी अपनी अलग छाप बनाए हुए है। यह दुकान महज एक कारोबार नहीं, बल्कि जमशेदपुर की विरासत, विश्वास और पारंपरिक कारीगरी की जीती-जागती मिसाल है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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