आतंकवादी फंडिंग नेटवर्क का पर्दाफाश, लश्कर से जुड़े 10 संदिग्ध गिरफ्तार राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 8
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शोपियां जिले में एक बड़े टेरर फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ से जुड़े पाए गए हैं। इस कार्रवाई में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जो जेल में बंद आतंकियों की मदद कर रहे थे।

शोपियां में टेरर फंडिंग मॉड्यूल का खुलासा

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए शोपियां जिले में सक्रिय आतंकवादियों के एक वित्तीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही एक ऐसे टेरर फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है, जिसके सीधे संबंध जेलों में बंद आतंकवादियों और उनके सक्रिय सहयोगियों के साथ पाए गए हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह नेटवर्क मुख्य रूप से लश्कर-ए-तैयबा (LET) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे प्रतिबंधित संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाने का काम कर रहा था।

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से हुआ खुलासा

शोपियां पुलिस ने शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया था। जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल वॉलेट के जरिए किए गए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का गहराई से विश्लेषण किया। इस तकनीकी जांच से नेटवर्क के भीतर हो रहे धन के आदान-प्रदान और उसके संदिग्ध स्रोतों का पता चला। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह आम नागरिकों से चोरी-छिपे धन जुटाकर उसे आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े गए आरोपी केंद्र शासित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में फैले थे और विभिन्न जेलों में कैद आतंकवादियों के लगातार संपर्क में थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस ने इस मामले में शोपियां थाने में एफआईआर संख्या 231/2026 दर्ज की है। गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  • ओवैस शफी नाइकू, निवासी सैदपोरा बाला, शोपियां
  • तजामुल अहमद शाह, निवासी रावलपोरा, शोपियां
  • मोइज इकबाल, निवासी चित्रगाम कलां, शोपियां
  • इमदाद यूसुफ गनी, निवासी चित्रगाम कलां, शोपियां
  • साकिब जाहूर वानी, निवासी मरे, पुलवामा
  • आमिर अहमद गनी, निवासी अरमोह, पुलवामा
  • फिरदौस ठोकर, निवासी नादिगुंड ट्रेंज, पुलवामा
  • लियाकत नजीर लोन, निवासी मुर्रन, पुलवामा
  • मोहम्मद हनीफ, निवासी चेक हरिया, कठुआ
  • काजू, पुत्र हाजी शेरू, निवासी चेक हरिया, कठुआ

आतंकी गतिविधियों में कैसे होता था इस्तेमाल

प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क केवल धन इकट्ठा करने तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उस धन का उपयोग आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के लिए भी किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों का मुख्य काम आम लोगों से गुप्त तरीके से पैसा जुटाना और उसे स्थापित वित्तीय संपर्कों के माध्यम से आगे भेजना था। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ से जुड़े आतंकियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता था। इसमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य आतंकियों को स्मार्टफोन खरीद कर मुहैया कराना और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने जैसी सुविधाएं शामिल थीं।

आगे की कार्रवाई की तैयारी

फिलहाल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई हैं। इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं, इसे लेकर गहन छानबीन की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई आतंकवाद समर्थक नेटवर्क को जड़ से मिटाने, अवैध वित्तीय चैनलों को पूरी तरह बाधित करने और जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के प्रयासों का एक अनिवार्य हिस्सा है। सुरक्षा बलों का लक्ष्य ऐसे सभी वित्तीय गलियारों को बंद करना है, जिनके माध्यम से आतंकवाद को खाद-पानी मिलता है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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