WDFC परियोजना बदलेगी राजस्थान की औद्योगिक तस्वीर, लॉजिस्टिक्स और कारोबार को मिलेगी रफ्तार राजस्थान एक महीने पहले 20
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर राजस्थान में माल ढुलाई और औद्योगिक ढांचे को आधुनिक रूप दे रहा है, जिससे सीकर से सिरोही तक कई जिलों को सीधा फायदा पहुंच रहा है।

वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) राजस्थान में माल परिवहन और औद्योगिक तंत्र को नई दिशा दे रहा है। तेज रफ्तार, बड़े कंटेनरों के संचालन और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स की सुविधा ने इसे देश की सबसे बड़ी परियोजनाओं की कतार में खड़ा कर दिया है।

कई जिलों को सीधा फायदा

इस कॉरिडोर का असर एक या दो इलाकों तक सीमित नहीं है। सीकर से लेकर सिरोही तक राज्य के कई जिलों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

निर्यात हुआ आसान

सराधना कार्गो टर्मिनल के जरिए मार्बल, ग्रेनाइट और खनिजों का निर्यात पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज हो गया है। इससे स्थानीय उत्पादकों के लिए बाहरी बाजारों तक पहुंच आसान हुई है।

सड़क पर घटेगा दबाव

रेल-पर-ट्रक सेवा शुरू होने से सड़कों पर लगने वाला जाम और डीजल की खपत दोनों में कमी आ रही है। इससे न केवल परिवहन लागत घटेगी, बल्कि पर्यावरण पर पड़ने वाला असर भी कम होगा।

सबके लिए नए अवसर

यह परियोजना सिर्फ बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है। किसानों, उद्योगों और छोटे व्यापारियों के लिए भी यह एक बड़ा अवसर लेकर आई है, जिससे राज्य का औद्योगिक चेहरा बदलने की संभावना मजबूत हुई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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