राजस्थान बनेगा देश का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा केंद्र, सौर और परमाणु परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी राजस्थान 2 महीने पहले 63
राजस्थान में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आ रहा है, जहां 2.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के जरिए राज्य को सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी हब बनाने की तैयारी है।

हरित ऊर्जा क्रांति की ओर बढ़ते कदम

राजस्थान देश में स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से एक अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। वर्तमान में राज्य के भीतर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। राज्य में लगभग 2.72 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से कुल 81 बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सक्रियता से काम किया जा रहा है। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में मुख्य रूप से सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो आने वाले समय में राज्य की ऊर्जा सुरक्षा की पूरी तस्वीर बदल देंगे।

दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क और नई क्षमताएं

इस बड़ी हरित ऊर्जा मुहिम में राजस्थान का जोधपुर जिला सबसे आगे नजर आ रहा है। जोधपुर में स्थित भाड़ला सोलर पार्क आज दुनिया के सबसे बड़े सौर पार्कों में शुमार है, जिसकी कुल उत्पादन क्षमता 2,200 मेगावाट से भी अधिक है। इसी कड़ी में राज्य की सौर क्षमता को और विस्तार देते हुए NTPC ग्रीन एनर्जी ने फलौदी में 300 मेगावाट की एक और अतिरिक्त सौर ऊर्जा परियोजना का संचालन सफलतापूर्वक शुरू कर दिया है। इस नए प्रोजेक्ट के चालू होने से न केवल राज्य में बिजली के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

भविष्य का सबसे बड़ा क्लीन एनर्जी हब

राजस्थान सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य को पूरे देश का सबसे बड़ा स्वच्छ ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करना है। राज्य में लगातार बढ़ते भारी निवेश, आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और इन विशालकाय ऊर्जा परियोजनाओं के दम पर राजस्थान तेजी से आत्मनिर्भरता और पर्यावरण अनुकूल विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ये परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए बेहद मददगार साबित होंगी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में राज्य नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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