पांचना बांध पानी विवाद का हुआ ऐतिहासिक समाधान: तीन मंत्रियों की मौजूदगी में बनी सहमति, जानें कब खुलेगा नहरों का पानी राजस्थान 2 महीने पहले 81
राजस्थान के करौली जिले में पिछले दो दशकों से लंबित पांचना बांध पानी विवाद का आखिरकार शांतिपूर्ण हल निकाल लिया गया है। जयपुर में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में तीन प्रमुख मंत्रियों की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ है, जिसके तहत अगले सात दिनों में नहरों में पानी छोड़ने की तारीख तय कर दी जाएगी।

राजस्थान के करौली जिले के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। पिछले 20 वर्षों से चला आ रहा प्रसिद्ध पांचना बांध जल विवाद अब पूरी तरह सुलझ गया है। जयपुर स्थित शिक्षा संकुल में मंगलवार देर रात तक चली एक मैराथन बैठक में इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान राज्य सरकार के तीन कद्दावर मंत्री और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे। समझौते के अनुसार, अगले सात दिनों के भीतर यह तय कर लिया जाएगा कि बांध की नहरों में सिंचाई के लिए पानी कब छोड़ा जाएगा।

दो दशकों पुराना गतिरोध और ग्रामीणों की मांगें

पांचना बांध की कुल जल भराव क्षमता 2100 एमसीएफटी है। इस बांध के माध्यम से लगभग 10,000 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। हालांकि, साल 2006 के बाद से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी का प्रवाह पूरी तरह से बंद था। इसके पीछे मुख्य कारण क्षेत्र के 21 राजस्व गांवों का विरोध था।

गुडला सहित इन सभी 21 गांवों के ग्रामीण लगातार यह मांग कर रहे थे कि जब तक उनके क्षेत्र को लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से पानी उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक वे कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की अनुमति नहीं देंगे। बीते 20 सालों में इस विवाद को सुलझाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए, लेकिन कोई भी कोशिश पूरी तरह सफल नहीं हो पाई थी। आखिरकार वर्तमान सरकार के प्रयासों से इस जटिल समस्या का समाधान संभव हो सका है।

मुख्यमंत्री की बजट घोषणा ने बदली तस्वीर

इस लंबे समय से अटके विवाद को सुलझाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम तब उठाया गया, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साल 2026-27 के बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई योजना के माध्यम से पानी पहुंचाने का ऐलान किया। इस ऐतिहासिक बजट घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक माहौल बन गया और गतिरोध टूटने की उम्मीद जगी।

इसके साथ ही, सरकार ने नहरों के जीर्णोद्धार और मरम्मत के लिए 11.50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर काम शुरू करवाया। वर्तमान में यह मरम्मत कार्य अपने अंतिम चरण में है। मंगलवार की बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि इस कार्य को बहुत जल्द धरातल पर पूरी तरह से उतार दिया जाएगा।

मंत्रियों की मौजूदगी में हुआ लिखित समझौता

इस ऐतिहासिक समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए जयपुर में आयोजित बैठक में सरकार की ओर से तीन प्रमुख मंत्रियों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। इनमें शामिल थे:

  • कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा
  • जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत
  • गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम

इन तीनों मंत्रियों की उपस्थिति में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किए और अपनी पूर्ण सहमति जताई। समझौता वार्ता के बाद जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के साथ बेहद सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई, जिसके बाद यह आपसी सहमति बनी है।

मंत्री रावत ने स्पष्ट किया कि सरकार ने दोनों पक्षों की सभी जायज मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग अगले सात दिन के भीतर बांध का पानी छोड़ने की निश्चित तिथि तय कर लेगा। इसके तुरंत बाद पूरे नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन किया जाएगा और उसकी टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शुरू कर दिया जाएगा। दोनों पक्षों को विश्वास दिलाया गया है कि सिंचाई क्षेत्र के विकास और कमांड एरिया के भीतर लिफ्ट योजना को सुदृढ़ करने का काम बहुत जल्द आरंभ होगा।

बैठक में मौजूद रहे ये प्रशासनिक अधिकारी और प्रतिनिधि

इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे के समाधान के लिए आयोजित की गई उच्च स्तरीय बैठक में शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे:

  • जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार
  • राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) के डायरेक्टर व ADGP संजीव नार्जरी
  • ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल
  • भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) कैलाश चन्द बिश्नोई
  • भरतपुर की संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया
  • जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन भास्कर

इसके अतिरिक्त, करौली और सवाई माधोपुर जिलों के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों ने भी बैठक में भाग लिया और कानून व्यवस्था तथा परियोजना क्रियान्वयन में आने वाले संभावित गतिरोधों के समाधान पर अपनी राय रखी। वार्ता के दौरान जनता का प्रतिनिधित्व करने के लिए गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था और गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधि भी प्रमुख रूप से मौजूद थे, जिन्होंने अपनी मांगों को मजबूती से रखा और समझौते का स्वागत किया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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