कोचिंग नगरी कोटा बनी राजस्थान की सियासत का नया केंद्र, राहुल गांधी के संभावित दौरे से चढ़ा सियासी पारा राजस्थान एक घंटा पहले 2
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 जून को कोटा पहुंचकर नीट पेपर लीक मामले पर कोचिंग छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। ओम बिरला के निर्वाचन क्षेत्र और भाजपा के गढ़ माने जाने वाले कोटा में इस दौरे को लेकर सियासत तेज हो गई है।

कोचिंग के लिए मशहूर शहर कोटा इन दिनों राजस्थान की राजनीति का नया केंद्र बन गया है। इस सरगर्मी की धुरी में है नीट पेपर लीक (NEET paper leak) का मामला। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कल यानी 17 जून को यहां पहुंच रहे हैं। शाम के समय वे दशहरा मैदान में नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर कोचिंग छात्रों से बातचीत करेंगे।

राहुल गांधी ट्रेन के जरिये कोटा आएंगे और रास्ते में पड़ने वाले कई स्टेशनों पर युवाओं से संवाद करते हुए शहर तक पहुंचेंगे। इस लिहाज से उनका यह दौरा पूरी तरह युवाओं और उनके भविष्य पर केंद्रित बताया जा रहा है। इस अवसर पर राजस्थान कांग्रेस के तमाम प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे।

दौरे से गरमाई प्रदेश की राजनीति

राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को लेकर पूरे प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरम है। भाजपा ने इस दौरे की समय-सीमा को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं शहर में पोस्टर वॉर भी शुरू हो चुका है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के क्षेत्र और भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले कोटा में राहुल गांधी के संवाद कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को पार्टी कार्यालय में बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस बैठक में पूर्व मंत्री शांति धारीवाल समेत प्रदेश कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि नीट पेपर लीक के मामले में केंद्र सरकार से जवाब तलब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोटा से शुरू हो रहे इस अभियान को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जाएगा। डोटासरा ने दावा किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।

भाजपा ने हाथों में आईना लेकर जताया विरोध

इस बीच राहुल गांधी के कोटा दौरे का भाजपा की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने आज हाथों में आईना लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस शासन के दौरान हुए 19 पेपर लीक का हवाला देते हुए भाजपा ने कांग्रेस को आईना दिखाने की कोशिश की।

भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी को पहले यह देखना चाहिए कि उनकी पार्टी की सरकार के समय हालात कैसे थे, उसके बाद ही किसी का विरोध करना चाहिए। उनका तर्क था कि केंद्र सरकार नीट परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के बाद परीक्षा दोबारा कराने का फैसला पहले ही ले चुकी है। यह प्रदर्शन राजीव गांधी की प्रतिमा के नीचे किया गया और प्रतिमा पर राहुल गांधी को लेकर एक शिकायत भी चस्पा की गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कोटा में कोचिंग छात्रों के परिणाम को प्रभावित करने के अलावा कुछ नहीं करेंगे।

दौरे की टाइमिंग पर उठ रहे सवाल

राहुल गांधी के इस दौरे के समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि 21 जून को नीट परीक्षा दोबारा होनी है। परीक्षा से ठीक चार दिन पहले राहुल गांधी छात्रों से संवाद करने पहुंच रहे हैं, इसी वजह से समय के चुनाव पर आपत्ति जताई जा रही है।

भजनलाल सरकार के ऊर्जा मंत्री और कोटा की सांगोद विधानसभा सीट से विधायक हीरालाल नागर ने कहा कि कोटा बेहतरीन परिणाम देने वाला शहर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी गलत समय पर छात्रों से बातचीत कर उनका कीमती वक्त खराब करेंगे और उनके परिणाम पर बुरा असर डालेंगे। नागर ने कहा कि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है और अब परीक्षा दोबारा कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिनके अपने शासनकाल में 19 से ज्यादा पेपर लीक हुए, उन्हें विरोध करने का कोई हक नहीं है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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