जोबनेर में दौड़ती थार बनी आग का गोला, कूदकर बची सवारों की जान राजस्थान एक महीने पहले 32
जयपुर ग्रामीण के जोबनेर में ढाणी बोराज सड़क मार्ग पर एक ईंट भट्टे के पास चलती थार गाड़ी अचानक आग की चपेट में आ गई। समय रहते सवार लोगों के कूद जाने से बड़ा हादसा टल गया, जबकि गाड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई।

जयपुर ग्रामीण के जोबनेर इलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक चलती हुई महिंद्रा थार गाड़ी में अचानक भीषण आग भड़क उठी और कुछ ही पलों में पूरी गाड़ी जलकर खाक हो गई। गनीमत यह रही कि गाड़ी में सवार लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते नीचे छलांग लगा दी और अपनी जान बचा ली, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

ढाणी बोराज सड़क मार्ग पर भड़की आग

बताया जा रहा है कि यह पूरा वाकया जोबनेर के ढाणी बोराज सड़क मार्ग पर बने एक ईंट भट्टे के नजदीक हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, थार गाड़ी ढाणी बोराज रोड से गुजर रही थी, तभी अचानक उसमें से धुआं उठने लगा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग की लपटों ने तेजी से पूरी गाड़ी को घेर लिया।

गाड़ी में बैठे लोगों ने हड़बड़ाने के बजाय फुर्ती दिखाई और चलती गाड़ी के दरवाजे खोलकर तुरंत नीचे कूद गए। उनके नीचे उतरते ही गाड़ी पूरी तरह आग के गोले में तब्दील हो गई। सड़क से गुजर रहे दूसरे राहगीर भी यह भयावह नजारा देखकर सहम गए और उन्होंने फौरन पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंचीं पुलिस और दमकल

हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, मगर तब तक थार गाड़ी जलकर महज लोहे के ढांचे में बदल चुकी थी। आग की वजह से कुछ देर के लिए सड़क पर आवाजाही भी बाधित रही, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य करवाया।

शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा कारण

प्रारंभिक जांच और पुलिस के अनुमान के अनुसार, गाड़ी में आग लगने की मुख्य वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। अक्सर गर्मी के मौसम में या वाहनों में अतिरिक्त एक्सेसरीज लगवाने के चलते वायरिंग में खराबी आ जाती है, जिससे इस तरह की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच में जुटी है, ताकि आग लगने के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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