राजस्थान
2 घंटे पहले
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राजस्थान पुलिस के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के तीसरे दिन राजस्थान राज्य बीज निगम ने अपने अशासकीय निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई को निदेशक मंडल की सदस्यता से बाहर कर दिया है। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते निगम की साख पर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही मोर्चों पर सरगर्मी बढ़ गई है।
बिश्नोई को इसी वर्ष 10 फरवरी को राजस्थान राज्य बीज निगम की 47वीं वार्षिक साधारण सभा के दौरान निदेशक मंडल में अशासकीय निदेशक के तौर पर मनोनीत किया गया था। हालांकि कुछ ही महीनों के भीतर उन पर बीज कंपनियों से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करने और मामलों को दबाने के आरोप लगे, जिसके बाद एसीबी ने जांच शुरू की।
करोड़ों की रिश्वत लेने के आरोप
एसीबी की पड़ताल में सामने आया है कि जुगल किशोर बिश्नोई और उनके सहयोगियों ने बीज कंपनियों के साथ सांठगांठ कर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया। आरोप है कि अलग-अलग कंपनियों को मामलों में राहत देने और कार्रवाई से बचाने के एवज में रिश्वत वसूली गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, गुजरात की एक बीज कंपनी से भी करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने की बात उजागर हुई है।
छापों में बरामद हुई भारी नकदी
एसीबी की कार्रवाई के दौरान जुगल किशोर बिश्नोई के घर से 1.59 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं उनके भानजे को बीकानेर जिले के लूणकरणसर क्षेत्र में 85 लाख रुपये की नकदी के साथ पकड़ा गया। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद यह प्रकरण पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर
इस मामले में एसीबी ने जुगल किशोर बिश्नोई समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में रिश्वत लेने वाले, रिश्वत देने वाले और कथित दलाल शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ चल रही है और फिलहाल वे पुलिस रिमांड पर हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के दौरान भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल
भ्रष्टाचार के इस प्रकरण ने राजस्थान की राजनीति में भी नया विवाद पैदा कर दिया है। विपक्ष जहां सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहा है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। राजस्थान राज्य बीज निगम द्वारा बिश्नोई को पद से हटाए जाने को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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