हैदराबाद की इन बस्तियों में प्लास्टिक के तंबुओं के नीचे बनते हैं क्रिकेट बैट, बारिश बनते ही उजड़ जाता है काम राजस्थान एक घंटा पहले 2
हैदराबाद के ईएसआई अस्पताल के पास झुग्गियों में रहने वाले कई परिवार कड़ी मेहनत से क्रिकेट बैट बनाते हैं, लेकिन बारिश का मौसम उनके लिए किसी आपदा से कम नहीं होता।

मेहनत और अभावों के बीच गुजरता जीवन

हैदराबाद शहर की चकाचौंध से दूर एक ऐसी भी जगह है, जहां की हकीकत बेहद संघर्षपूर्ण है। ईएसआई अस्पताल के पीछे बसी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले दर्जनों परिवार अपनी जीविका के लिए क्रिकेट बैट बनाने का काम करते हैं। ये लोग बेहद साधारण परिस्थितियों में प्लास्टिक के तंबुओं के नीचे दिनभर लकड़ी तराशने, उसे सही आकार देने और सैंडिंग करने जैसे कठिन कामों में जुटे रहते हैं।

काम में साथ निभाते हैं परिवार के सभी सदस्य

इस निर्माण कार्य में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करती हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक लकड़ी काटने और बैट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी रहती है। परिवार के सभी सदस्यों की मेहनत के बाद ही क्रिकेट के ये बल्ले बाजार में जाने के लिए तैयार हो पाते हैं।

बारिश बनी सबसे बड़ी मुसीबत

इन परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बारिश का मौसम लेकर आता है। तंबुओं में काम करने के कारण बारिश का पानी सीधे उनके कार्यस्थल और तैयार किए गए माल तक पहुंच जाता है, जिससे सारा काम बेकार हो जाता है। ऐसी स्थिति में कई दिनों तक उन्हें खाली हाथ बैठना पड़ता है और उनकी कमाई का जरिया पूरी तरह बंद हो जाता है।

बेहतर कल की उम्मीद

इतनी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद ये लोग हार मानने को तैयार नहीं हैं। इन परिवारों का एक ही सबसे बड़ा सपना है कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलवाकर इस कड़ी मेहनत वाले काम से बाहर निकालें। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़ें-लिखें और भविष्य में एक सम्मानजनक जीवन जी सकें। यह संघर्ष और उम्मीद की कहानी हमें यह सिखाती है कि चाहे कितनी भी मुश्किल हो, इंसान बेहतर भविष्य का सपना देखना कभी नहीं छोड़ता।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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