उपनाम: संघर्ष
बिलासपुर की रामबाई: 12 साल की उम्र से मोची का काम कर रही ये महिला बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रामबाई नाम की एक महिला अपनी छोटी सी मोची की दुकान से परिवार का पेट पाल रही हैं। पति के निधन और दिव्यांग बेटे की जिम्मेदारी के बावजूद वह 12 साल की उम्र से ही इस पारंपरिक पेशे को पूरी मेहनत के साथ निभा रही हैं।
मऊ के अजय चौहान की अदम्य इच्छाशक्ति: दोनों हाथ खोने के बाद भी नाक और पैरों से चला रहे दुकान
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले अजय चौहान ने एक भीषण हादसे में अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आज वे अपनी नाक और पैरों की मदद से मोबाइल चलाने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
डांस इंडिया डांस का सितारा आज हैदराबाद की सड़कों पर बेच रहा है समोसे, संघर्ष की कहानी सुन नम हो जाएंगी आंखें
कभी मशहूर रियलिटी शो डांस इंडिया डांस के मंच पर अपने हुनर का जलवा बिखेरने वाले श्यामनाथ गोस्वामी की जिंदगी ने ऐसा रुख लिया कि अब उन्हें परिवार चलाने के लिए सड़कों पर ठेला लगाना पड़ रहा है।
रक्षाबंधन 2026: पिता चलाते थे रिक्शा, बहन की एक सलाह ने बदल दी अंबाला के मनोज की किस्मत
अंबाला के मनोज की कहानी एक मिसाल है, जहां उनकी बहन द्वारा दिए गए एक छोटे से विचार ने एक नौकरीपेशा व्यक्ति को नई पहचान दिलाई है।
सड़क पर झाड़ू और हाथ में Fortuner की चाबी, ये है फर्श से अर्श तक पहुंचने वाले सेसप्पा की अनूठी कहानी
कर्नाटक के सेसप्पा की जिंदगी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है, जिन्होंने गरीबी की मार और पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैसे न होने का दर्द झेलने के बाद कड़ी मेहनत से अपनी किस्मत बदली है। आज वह लाखों की Fortuner गाड़ी से काम पर आते हैं और बेहद गर्व के स...
UPSC CAPF में चाय बेचने वाले के बेटे की शानदार कामयाबी, प्रेमानंद महाराज के प्रवचन और 10 घंटे की मेहनत ने दिलाई सफलता
रांची के रहने वाले अंकित आशीष मिश्रा ने UPSC CAPF परीक्षा में 236वीं रैंक हासिल की है। बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले अंकित ने कठिन परिश्रम और सात्विक जीवन शैली अपनाकर यह मुकाम हासिल किया है।
संघर्षों से भरी है डॉ. अभय झा की कहानी: पिता ने बैंक से कर्ज लेकर पूरा किया डॉक्टर बनाने का सपना
पूर्णिया के डेंटिस्ट डॉ. अभय कुमार झा की सफलता की कहानी एक शिक्षक पिता के अटूट विश्वास और आर्थिक तंगी के बीच संघर्ष की मिसाल है।
4 फीट कद, मगर हौसले आसमान पर: जहानाबाद के राम टहल मूंगफली बेचकर कमा रहे हैं सम्मानजनक आजीविका
जहानाबाद के रहने वाले राम टहल राम ने अपनी कम लंबाई को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। मात्र 4 फीट की ऊंचाई के बावजूद वे और उनका परिवार रोजाना मूंगफली बेचकर 800 से 1000 रुपये तक की कमाई कर रहे हैं और स्वाभिमान के साथ जीवन जी रहे हैं।
सिर्फ 6 महीने की उम्र में गंवा दिए दोनों पैर, फिर भी बहराइच के नसीम ने नहीं मानी हार
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रहने वाले नसीम ने शारीरिक विकलांगता को मात देते हुए संघर्ष भरी जिंदगी को एक नई दिशा दी है। आज वे जोमैटो में डिलीवरी एजेंट के रूप में काम कर अपना पेट पाल रहे हैं और शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।
हैदराबाद की इन बस्तियों में प्लास्टिक के तंबुओं के नीचे बनते हैं क्रिकेट बैट, बारिश बनते ही उजड़ जाता है काम
हैदराबाद के ईएसआई अस्पताल के पास झुग्गियों में रहने वाले कई परिवार कड़ी मेहनत से क्रिकेट बैट बनाते हैं, लेकिन बारिश का मौसम उनके लिए किसी आपदा से कम नहीं होता।
बचपन में देखी गरीबी और जूठन खाकर काटे दिन, आज कॉमेडी की दुनिया में राज कर रही हैं यह स्टार
टीवी की मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह के जीवन का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। संघर्षों से भरी जिंदगी और गरीबी का सामना करते हुए आज वह कॉमेडी जगत का सबसे बड़ा नाम बन चुकी हैं और एक एपिसोड के लिए भारी-भरकम फीस लेती हैं।