जयपुर में दोस्ती पर दाग: एक करोड़ की उधारी के लिए मित्र की निर्मम हत्या राजस्थान 4 दिन पहले 16
जयपुर के शिवदासपुरा थाना इलाके में एक शख्स ने करीब एक करोड़ रुपये की उधारी के विवाद में अपने दोस्त की हत्या कर दी। शव ठिकाने लगाने की कोशिश के दौरान पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।

राजधानी जयपुर में दोस्ती को शर्मसार करने वाली एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में एक व्यक्ति ने करीब एक करोड़ रुपये की उधारी के विवाद में अपने ही मित्र को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद आरोपी ने शव को पशुओं के चारे में दबा दिया और फिर दूसरे दोस्त की कार लेकर उसे ठिकाने लगाने निकल पड़ा। लेकिन इसी बीच पुलिस को सूचना मिल गई और घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा गया।

पुलिस ने मौके से शव बरामद कर लिया, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और जिस कार में शव रखा गया था, उसे भी जब्त कर लिया है। पूछताछ के जरिए पुलिस इस पूरे मामले की एक-एक कड़ी जोड़ने में जुटी है।

कब और कैसे हुई वारदात

पुलिस के अनुसार हत्या की यह घटना तीन दिन पहले 13 जून को अंजाम दी गई थी। मृतक युवक हरिशंकर शर्मा प्रोपर्टी का कारोबार करता था। उसकी हत्या उसके दोस्त सीए सीताराम शर्मा ने की। हत्या के बाद सीताराम ने हरिशंकर के शव को प्लास्टिक के कट्टे में डालकर पशुओं के चारे में छिपा दिया।

चारे में दबाए गए शव के पकड़े जाने का डर होने पर आरोपी ने अगले दिन 14 जून की रात उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई। जरूरी काम का बहाना बनाकर वह अपने दूसरे दोस्त की कार ले आया और शव को चारे से निकालकर उसमें रख लिया।

दस लाख का लालच और फिर पकड़ा गया

आरोपी रातभर शव लेकर इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन उसे कहीं ठिकाने नहीं लगा पाया। थक-हारकर उसने कार के मालिक अपने दोस्त को बुलाया और उसे 10 लाख रुपये का लालच देते हुए शव को ठिकाने लगाने में मदद मांगी। मगर दोस्त ने मदद करने से साफ इनकार कर दिया और पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीताराम को दबोच लिया। तलाशी में पुलिस को कार से शव के साथ साढ़े छह लाख रुपये भी बरामद हुए।

उधारी के चलते बना हत्या का कारण

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सीताराम जयपुर में एक हॉस्टल बनवा रहा था और इसके लिए उसने हरिशंकर से पचास लाख रुपये उधार लिए थे। हरिशंकर का बिल्डिंग मैटेरियल का भी काम था, इसलिए सीताराम वह सामान भी उससे उधार लेता रहा। इस तरह उस पर करीब एक करोड़ रुपये की उधारी चढ़ गई।

हरिशंकर ने जब रकम लौटाने का तकादा किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। बाद में सीताराम ने उसे भरोसा दिलाया कि वह जमीन बेचकर उधारी चुका देगा।

रुपये के बहाने बुलाकर की हत्या

हालांकि रुपये चुकाने के बजाय सीताराम ने हरिशंकर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसी के तहत उसने 13 जून को रुपये देने का बहाना बनाकर हरिशंकर को अपने पास बुलाया और वहां पहुंचते ही पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी।

परिजनों ने दर्ज कराई गुमशुदगी

अगले दिन तक जब हरिशंकर घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवा दी।

इसके बाद आरोपी सीताराम ने पुलिस और लोगों को गुमराह करने के लिए हरिशंकर की फोटो अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगा दी और लिखा कि वह लापता है तथा किसी को जानकारी मिले तो सूचित करे। लेकिन उसकी यह चाल कामयाब नहीं हुई और आखिरकार वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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