राजस्थान
एक घंटा पहले
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विचारों
राजस्थान की राजनीति में लंबे अरसे से संगठन की धुरी रहीं अलका गुर्जर अब राष्ट्रीय राजनीति में एक नई पारी की ओर बढ़ रही हैं। भाजपा ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है। इस फैसले के जरिए पार्टी ने एक बार फिर यह जताने की कोशिश की है कि संगठन में वर्षों तक मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को भी बड़ा मंच मिलता है।
अलका गुर्जर का राजनीतिक जीवन किसी एक चुनाव या किसी एक पद के दायरे में नहीं बंधा रहा। उन्होंने अपनी शुरुआत स्थानीय निकाय की राजनीति से की और धीरे-धीरे संगठन के साथ-साथ जनप्रतिनिधि की भूमिका में भी अपनी छाप छोड़ी। यही कारण है कि राज्यसभा के लिए उनके नाम का ऐलान होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई।
जमीनी स्तर से शुरू हुई राजनीतिक पारी
अलका गुर्जर ने अपने सियासी जीवन की नींव बिल्कुल जमीनी स्तर पर रखी। वर्ष 1995 में वह टोंक जिला परिषद की सदस्य चुनी गईं। इसके बाद वर्ष 2000 में उन्होंने जयपुर जिला परिषद की सदस्य के रूप में दायित्व निभाया। स्थानीय स्तर पर निरंतर सक्रिय रहने के चलते संगठन में उनकी पकड़ मजबूत होती चली गई। भाजपा के महिला संगठन में भी उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं और कार्यकर्ताओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
महिला मोर्चा से राष्ट्रीय संगठन तक का विस्तार
वर्ष 1997 में उन्हें भाजपा महिला मोर्चा में दौसा प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उस दौर में संगठन का विस्तार करना और महिला कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहा। पार्टी के भीतर लगातार सक्रियता और संगठनात्मक कामकाज के चलते उन्हें समय-समय पर नई भूमिकाएं मिलती रहीं।
भाजपा के अलग-अलग अभियानों और कार्यक्रमों में भी उन्होंने मोर्चा संभाला। संगठन में काम करने की उनकी कार्यशैली को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच हमेशा सकारात्मक माहौल रहा।
विधानसभा से राज्यसभा तक का रास्ता
अलका गुर्जर 14वीं राजस्थान विधानसभा की सदस्य भी रह चुकी हैं। विधायक रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया और पार्टी की नीतियों को पुरजोर तरीके से सामने रखा। विधानसभा का यह अनुभव उनके राजनीतिक जीवन का अहम पड़ाव माना जाता है। इसी दौरान प्रदेश स्तर पर उन्हें व्यापक पहचान मिली और पार्टी में उनका दायरा लगातार बढ़ता गया।
वर्तमान में वह भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें कई राज्यों और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी दी हैं। उनके राज्यसभा उम्मीदवार बनने को उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और पार्टी के प्रति निरंतर सक्रियता का प्रतिफल माना जा रहा है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह, मुख्यमंत्री ने दी बधाई
राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए उनके नाम की घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अलका गुर्जर को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
स्थानीय निकाय से लेकर विधानसभा और फिर राष्ट्रीय संगठन तक का सफर तय करने वाली अलका गुर्जर अब संसद के उच्च सदन में पहुंचने की तैयारी कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे भाजपा की उस रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें संगठन में लंबे समय तक काम करने वाले नेताओं को आगे बढ़ाने पर खास जोर दिया जा रहा है।
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