मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों का पिटारा खुला
मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर भर्तियों की घोषणा की है। विभिन्न सरकारी विभागों में कुल 19,062 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस भर्ती अभियान का सबसे प्रमुख आकर्षण पुलिस विभाग है, जिसमें 7,500 पदों पर पुलिस आरक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। कर्मचारी चयन मंडल ने इन भर्तियों का पूरा शेड्यूल सार्वजनिक कर दिया है।
भर्ती परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम
सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, सितंबर 2026 से लेकर दिसंबर 2026 तक विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जाएंगी। इन महीनों के दौरान निम्नलिखित पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी:
- पुलिस आरक्षक
- पंचायत सचिव
- रोजगार सहायक
- कृषि विस्तार अधिकारी
- खंड पंचायत अधिकारी
- उपयंत्री
- उपनिरीक्षक
कुल मिलाकर 12 तरह की भर्ती परीक्षाएं इस दौरान आयोजित की जाएंगी, जिससे लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का मौका मिलेगा।
शिक्षकों की पात्रता परीक्षा का रास्ता साफ
भर्तियों के अलावा शिक्षा विभाग में भी बड़ी हलचल है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद, राज्य में करीब 1.50 लाख शिक्षकों की पात्रता परीक्षा आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने यह जिम्मेदारी कर्मचारी चयन मंडल को सौंपी है। ये परीक्षाएं सितंबर और अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। विभाग की ओर से बताया गया है कि शिक्षकों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू की जाएगी, जिससे इच्छुक उम्मीदवार समय रहते अपनी दावेदारी दर्ज कर सकें।
शाजापुर में बीमा क्लेम के लिए ट्रक चोरी का नाटक
दूसरी ओर, राज्य के शाजापुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां शाजापुर कोतवाली पुलिस ने लगभग 60 लाख रुपये की कीमत वाले ट्रक ट्राला चोरी के मामले में एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि ट्रक चोरी की यह पूरी कहानी खुद शिकायतकर्ता ने बीमा की रकम हड़पने के लिए रची थी।
सीसीटीवी फुटेज से खुला झूठ का जाल
इस मामले की शुरुआत 25 जुलाई को हुई, जब कोटा के वक्फ नगर दादावाड़ी निवासी फरियादी अजहर उद्दीन ने अपने ड्राइवर विक्की वंजारा के साथ मिलकर कोतवाली थाना शाजापुर में ट्रक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस की टीम ने शाजापुर के बरवाल जोड़ से लेकर राजस्थान के कोटा तक के लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के गहन विश्लेषण से पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों का पता चला।
आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ
पुलिस की पूछताछ में फरियादी के सुर बदल गए और उसने अपना जुर्म कबूल लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपना ट्रक एक कबाड़ व्यापारी को बेच दिया था। इसके बाद बीमा कंपनी से क्लेम की मोटी रकम पाने के इरादे से उसने झूठी चोरी की शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने इस मामले में फरियादी अजहर उद्दीन और उसके ड्राइवर विक्की वंजारा, दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस की मुस्तैदी के सामने अपराधियों की हर साजिश नाकाम साबित होती है।
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