मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण मामला: 15 जुलाई से होगी प्रतिदिन सुनवाई मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 85
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण विवाद पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई की तारीखें तय हो गई हैं। अब 15 जुलाई से इस मामले की नियमित सुनवाई शुरू की जाएगी।

हाईकोर्ट ने तय की सुनवाई की नई समय सीमा

मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने बड़ा निर्णय लिया है। अब इस संवेदनशील मामले पर 15 जुलाई से प्रतिदिन सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल, कोर्ट ने सुनवाई को तीन हफ्ते के लिए टाल दिया है। सरकार की ओर से याचिकाओं पर विस्तृत बहस के लिए समय मांगा गया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।

जस्टिस आनंद पाठक की बेंच करेगी सुनवाई

अदालत के निर्देशानुसार, अब इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर 13 जुलाई से अंतिम सुनवाई की शुरुआत होगी। इसके बाद 15 जुलाई से हर दिन दोपहर ठीक 2:30 बजे से नियमित रूप से सुनवाई चलेगी। इस पूरे मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक की विशेष बेंच द्वारा की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई के मध्य में शुरू होने वाली इस सुनवाई के बाद मामले पर कोई ठोस और अंतिम फैसला सामने आ सकता है।

क्या है पूरा आरक्षण विवाद

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का यह विवाद साल 2019 से चला आ रहा है। उस समय राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। इस फैसले के बाद प्रदेश में कुल आरक्षण का आंकड़ा 50 प्रतिशत की सीमा को पार कर लगभग 63 प्रतिशत तक पहुंच गया था।

  • प्रदेश में पहले से ही अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 36 प्रतिशत आरक्षण लागू है।
  • सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • आरक्षण की बढ़ी हुई दर के कारण कई सरकारी भर्तियों के परिणाम और नियुक्तियां लंबे समय से प्रभावित और लंबित हैं।

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब जबलपुर हाईकोर्ट इस मामले में निर्णायक सुनवाई कर रहा है, ताकि प्रदेश में सरकारी नौकरियों से जुड़े विवादों का स्थाई समाधान निकाला जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप