लाइसेंसी बंदूक से सुरक्षा की उम्मीद थी, उसी की गोली ने ले ली बीजेपी महिला नेता की जान मध्य प्रदेश 3 महीने पहले 54
जबलपुर में भाजपा की स्थानीय नेता और पूर्व पार्षद प्रत्याशी संगीता रजक की अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से गोली लगने से मौत हो गई। परिवार पर कुछ दिन पहले हुई बमबारी के बाद आत्मरक्षा के लिए यह हथियार लिया गया था।

मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शनिवार की देर रात भारतीय जनता पार्टी की स्थानीय नेता और पूर्व पार्षद प्रत्याशी संगीता रजक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उनकी मौत उनकी अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से चली गोली लगने से हुई। यह हादसा रांझी थाना क्षेत्र के पुराने शोभापुर में रात करीब 1:00 बजे का बताया जा रहा है।

घटना के समय आखिर क्या हुआ

परिजनों का कहना है कि शनिवार रात लगभग एक बजे संगीता रजक के घर के बाहर किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इस झगड़े को शांत कराने के मकसद से उनके पति और देवर घर से बाहर निकले हुए थे। बाहर बढ़ते तनाव को देखते हुए संगीता रजक भी सुरक्षा के लिहाज से घर में रखी लाइसेंसी बंदूक अपने परिजनों तक पहुंचाने के लिए बाहर की ओर आ रही थीं। इसी बीच अचानक बंदूक का ट्रिगर दब गया और गोली सीधे उनके पेट में जा लगी। आनन-फानन में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आत्मरक्षा के लिए रखा गया था हथियार

रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी के अनुसार, कुछ दिन पहले ही इस परिवार पर स्थानीय असामाजिक तत्वों ने बमबारी की थी, जिसके चलते पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ था। इसी वारदात के बाद परिवार ने अपनी सुरक्षा और आत्मरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइसेंसी बंदूक रखी थी। थाना प्रभारी ने बताया कि बंदूक को जब्त कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। संगीता रजक भाजपा की पूर्व पार्षद प्रत्याशी रह चुकी थीं और पार्टी से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई थीं।

एक अन्य घटना: पत्नी का शव मिलने के बाद पति ने दी जान

इसी शहर से जुड़ी एक दूसरी घटना में, पत्नी का शव बरामद होने के एक दिन बाद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मयंक सिंह का शव वाहन फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) की एक खाली पड़ी आवासीय इमारत में फंदे से लटका हुआ मिला। इससे ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को उसकी पत्नी नेहा सिंह का शव अधारताल थाना क्षेत्र में स्थित उनके किराए के मकान से बरामद हुआ था। नेहा और मयंक की शादी दिसंबर 2023 में हुई थी। नेहा के पहले पति का निधन हो चुका था और उसके पहले विवाह से आठ वर्षीय एक पुत्र है। नेहा बीते एक वर्ष से इंदौर में नौकरी कर रही थी और 28 मई को जबलपुर लौटी थी। पुलिस ने बताया कि तीन जून की रात दंपति के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद नेहा लापता हो गई थी। शुक्रवार शाम मकान मालिक ने पुलिस को जानकारी दी कि मकान बंद है और उसमें से दुर्गंध आ रही है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम जब मकान के भीतर पहुंची, तो वहां नेहा का सड़ा-गला शव मिला।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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