आरजेडी में मचा घमासान: सारण प्रवक्ता के निष्कासन पर रोहिणी आचार्य ने संजय यादव और सुनील सिंह को घेरा बिहार 2 महीने पहले 73
लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपनी ही पार्टी के फैसले पर सवाल उठाते हुए सारण प्रवक्ता हरेलाल यादव के निष्कासन को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर संगठन को कमजोर करने का सीधा आरोप लगाया है।

पार्टी के भीतर रोहिणी आचार्य ने खोला मोर्चा

राष्ट्रीय जनता दल में एक बार फिर आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। लालू प्रसाद यादव की बेटी और पार्टी की प्रमुख नेता रोहिणी आचार्य ने सारण जिले के प्रवक्ता हरेलाल यादव को पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित किए जाने के फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक तीखी टिप्पणी करते हुए इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। रोहिणी ने आरोप लगाया है कि पार्टी के भीतर अब उन लोगों के लिए कोई स्थान नहीं बचा है जो सच बोलने की हिम्मत रखते हैं।

निष्कासन को बताया साजिश

रोहिणी आचार्य का मानना है कि हरेलाल यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के पीछे एक बड़ी साजिश छिपी है। उन्होंने सवाल किया है कि क्या राष्ट्रीय जनता दल अब केवल उन्हीं लोगों के लिए है जो सच से मुंह मोड़ लेते हैं? उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी को मजबूती देने वाले और ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाना बेहद निराशाजनक है। रोहिणी के अनुसार, हरेलाल यादव पर लगाए गए अनुशासनहीनता के आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे हैं, जिसे उन लोगों ने रचा है जो खुद पार्टी की जड़ों को खोखला कर रहे हैं।

संजय यादव और सुनील सिंह पर सीधा हमला

अपने पोस्ट में रोहिणी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं संजय यादव, सुनील सिंह और रमीज का नाम लेते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि ये लोग पार्टी के अंदर रहकर संगठन के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। रोहिणी ने आरोप लगाया कि सारण का पूरा जिला संगठन अब ऐसे लोगों के हाथों में है, जो दिखावे के लिए आरजेडी में हैं, लेकिन असल में वे विरोधियों के इशारों पर नाच रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ये नेता चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, जिससे संगठन को नुकसान पहुंचता है।

कार्यकर्ताओं के अपमान पर भड़कीं रोहिणी

रोहिणी ने सारण के स्थानीय विधायकों और पदाधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुके हैं और जनता के बीच जाकर कार्यकर्ताओं का दुख-दर्द सुनने के बजाय उन्हें ही निशाना बनाने में व्यस्त हैं। जो कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें षड्यंत्र के तहत दरकिनार किया जा रहा है। रोहिणी ने इन नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे सच बोलने वालों पर कार्रवाई करना चाहते हैं, तो पहले उनमें मुझ पर कार्रवाई करने का साहस जुटाना चाहिए।

लालू की बेटी कभी नहीं झुकेगी

पार्टी की वर्तमान स्थिति को लेकर अपनी चिंता जताते हुए रोहिणी ने दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह लालू प्रसाद यादव की बेटी हैं और किसी भी गलत कार्य के आगे कभी भी घुटने नहीं टेकेंगी। उनका स्पष्ट मानना है कि पार्टी के हित में आवाज उठाना उनका फर्ज है और वह संजय यादव, सुनील सिंह और रमीज जैसे लोगों के चंगुल से संगठन को मुक्त कराने के लिए अपनी मुहिम जारी रखेंगी। रोहिणी के अनुसार, किसी भी निर्दोष और ईमानदार कार्यकर्ता का उत्पीड़न पार्टी की मूल विचारधारा के विपरीत है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

संगठन में विश्वास का संकट

इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में आरजेडी के भीतर चल रहे गहरे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। रोहिणी आचार्य के इस कदम ने न केवल पार्टी नेतृत्व को सवालों के घेरे में खड़ा किया है, बल्कि उन समर्थकों को भी उद्वेलित किया है जो पार्टी की एकजुटता को लेकर चिंतित हैं। देखना यह होगा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस आंतरिक विद्रोह को किस प्रकार शांत करता है और सारण के मामले में क्या कोई सुलह का रास्ता निकल पाता है। फिलहाल, रोहिणी की यह बगावत पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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