ईरान ने फिर सील किया होर्मुज जलमार्ग, हर जहाज की आवाजाही पर रोक — क्या भारत के लिए बढ़ेगी मुश्किल? भारत एक महीने पहले 19
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया। इस फैसले से तेल आपूर्ति को लेकर भारत समेत दुनिया भर के बाजारों की चिंता बढ़ गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक बार फिर गहराता जा रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए गए, जिसका ईरान ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। वॉशिंगटन ने तेहरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने जल्द से जल्द सीजफायर की शर्तें स्वीकार नहीं कीं तो हमलों की रफ्तार और तेज कर दी जाएगी। इसी के जवाब में ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने की घोषणा कर दी। साथ ही तेहरान ने आगाह किया है कि अब तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों समेत जो भी पोत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करने की कोशिश करेगा, उस पर हमला किया जाएगा। ईरान के इस कदम ने भारत की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।

होर्मुज के बंद होने पर क्यों भड़कता है तनाव?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम और व्यस्ततम समुद्री जलमार्ग माना जाता है, जो फ़ारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकपॉइंट्स में गिना जाता है। दुनिया भर में होने वाली कुल कच्चे तेल की खपत का करीब 20% हिस्सा इसी मार्ग से टैंकरों के जरिए भेजा जाता है।

सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत, कतर और यूएई जैसे प्रमुख खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में अगर यह जलमार्ग कुछ समय के लिए भी ठप हो जाए, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ सकता है।

भारत की बेचैनी की वजह क्या है

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भारत के लिए भी सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, क्योंकि देश का लगभग 30% से 50% कच्चा तेल और करीब 70% तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) इसी जलमार्ग से होकर आती है। फ़ारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला यह रास्ता भारत की ऊर्जा जरूरतों यानी तेल और गैस का मुख्य प्रवेश द्वार है, इसलिए इसके बंद होने की आशंका मात्र से नई दिल्ली की चिंता बढ़ जाती है।

हालांकि राहत की बात यह है कि भारत को "मित्र देशों" की सूची में रखा गया है, जिसके चलते भारतीय जहाजों को इस मार्ग से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई है।

दो जहाजों को बनाया गया निशाना

होर्मुज को सील करने के इस ऐलान ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे, नियमों का उल्लंघन करने वाले दो जहाजों को निशाना बनाया गया है। इस कार्रवाई के बाद होर्मुज में फंसे अन्य जहाजों के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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