उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में तबादलों और तैनाती को लेकर महकमे के भीतर पनप रहा असंतोष अब खुलकर बाहर आने लगा है। लंबे अरसे से चली आ रही यह नाराजगी उस वक्त सार्वजनिक हो गई, जब साइबर थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर अपने जूनियर अधिकारी के मातहत काम करने पर आपत्ति जताते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस घटनाक्रम के बाद कमिश्नरेट पुलिस में खलबली मच गई है और ट्रांसफर-पोस्टिंग की पूरी प्रक्रिया कठघरे में आ गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा इस्तीफा
मिली जानकारी के अनुसार, साइबर थाने में तैनात इंस्पेक्टर विनय शर्मा ने वरिष्ठ अधिकारियों को दिए अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि उनकी तैनाती विभागीय नियमावली के अनुरूप नहीं की गई है। उनका दावा है कि जिस थाना प्रभारी के अधीन उन्हें काम करना पड़ रहा है, वह सेवा में उनसे कनिष्ठ हैं। ऐसी स्थिति में एक वरिष्ठ अधिकारी होते हुए भी उन्हें जूनियर के नीचे काम करना पड़ रहा है, जो उनके मुताबिक नियमों और परंपराओं के खिलाफ है और इसी वजह से वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में स्वयं को असमर्थ बता रहे हैं।
इंस्पेक्टर विनय शर्मा का कहना है कि वह वर्ष 2005 बैच के अधिकारी हैं, जबकि साइबर थाने के मौजूदा प्रभारी वर्ष 2010-13 बैच से जुड़े हैं। उनका तर्क है कि विभागीय व्यवस्था में वरिष्ठता का सम्मान होना चाहिए और पोस्टिंग करते समय सेवा क्रम को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह स्वयं वरिष्ठ हैं, तो किसी जूनियर अधिकारी के आदेशों का पालन वह किस तरह करें।
मामले की जांच जारी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को इंस्पेक्टर विनय शर्मा डीसीपी क्राइम कार्यालय पहुंचे और वहां उन्होंने अपना इस्तीफा डीसीपी को सौंप दिया। हालांकि उनके इस्तीफे पर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह प्रकरण सामने आने के बाद विभाग के दूसरे पुलिसकर्मियों की नाराजगी भी खुलकर सामने आने लगी है। सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य अधिकारियों ने भी लिखित रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि उन्हें ऐसी जगहों पर तैनात किया गया है, जहां उन्हें अपने जूनियर अधिकारियों के अधीन काम करना पड़ रहा है। कई पुलिसकर्मियों ने अपनी मौजूदा तैनाती स्थल से हटाकर कहीं और नियुक्त किए जाने की मांग की है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग पर खड़े हुए सवाल
पुलिस महकमे के भीतर यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि यदि पोस्टिंग में वरिष्ठता और नियमावली का ध्यान नहीं रखा गया, तो इससे अनुशासन और कार्यप्रणाली दोनों पर असर पड़ सकता है। वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए स्पष्ट नियमों का पालन जरूरी माना जाता है।
इस मामले पर डीसीपी क्राइम एसके सिंह ने कहा कि इंस्पेक्टर विनय शर्मा की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र का संज्ञान ले लिया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो सकेगी।
फिलहाल इस प्रकरण ने कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में ट्रांसफर-पोस्टिंग व्यवस्था को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। विभाग के भीतर असंतोष की चर्चाएं तेज हैं और अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट तथा वरिष्ठ अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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