इंदौर में मानसून का अलर्ट: प्रशासन ने 17 पर्यटन स्थलों पर लगाई रोक, जानिए कब तक नहीं जा सकेंगे आप मध्य प्रदेश एक महीने पहले 66
इंदौर जिला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महू तहसील के 17 प्रमुख पिकनिक स्पॉट्स पर पर्यटकों के जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 25 जून 2026 से 22 अगस्त 2026 तक लागू रहेगा।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन का सख्त कदम

मानसून के आगमन के साथ ही इंदौर जिला प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महू तहसील क्षेत्र में स्थित 17 प्रमुख पर्यटन स्थलों को खतरनाक घोषित करते हुए वहां आम लोगों और सैलानियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रशासनिक आदेश 25 जून 2026 से प्रभावी हो गया है और यह 22 अगस्त 2026 तक लागू रहेगा। प्रशासन का मानना है कि मानसून के दौरान इन क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से बड़े हादसे होने की आशंका बनी रहती है, जिसे देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कार्रवाई

इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 का उपयोग किया है। प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, मानसून के सीजन में झरनों, नदियों और घाटियों में पानी का बहाव कब बढ़ जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पर्यटकों ने सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज किया और अपनी जान जोखिम में डाली। कई मामलों में जलस्तर अचानक बढ़ने से पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए और संभलने का मौका तक नहीं मिला।

इन स्थानों पर जाने की है मनाही

प्रशासन ने जिन 17 स्थानों को संवेदनशील और खतरनाक की श्रेणी में रखा है, वहां लोगों के जाने पर कड़ाई से रोक लगा दी गई है। इन प्रतिबंधित स्थलों की सूची में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

  • तिंछा फॉल
  • चोरल फॉल
  • चोरल डैम
  • शीतला माता फॉल
  • कजलिगढ़
  • मेंढ़ी कुंड
  • जामन्या कुंड
  • मोहाड़ी फॉल
  • रस्की वाटर फॉल
  • लोहिया कुंड
  • जलजमनी
  • गढ़ी कुंड
  • टिंडिया महादेव
  • बाघनिया कुंड
  • गोगी भड़क
  • हथियारी खो

इनके अतिरिक्त क्षेत्र के अन्य जोखिम भरे पिकनिक स्पॉट्स को भी प्रतिबंधित दायरे में रखा गया है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी पर्यटकों को असुविधा पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए है। पुलिस और प्रशासनिक दलों को इन सभी संवेदनशील स्थलों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी व्यक्ति इन प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे जोखिम भरे इन प्राकृतिक स्थलों की ओर रुख न करें और मानसून का आनंद सुरक्षित स्थानों पर रहकर लें। थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़ी अनहोनी को जन्म दे सकती है, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन की टीमें लगातार भ्रमण कर रही हैं और किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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