मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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इंदौर में अतिक्रमण हटाओ अभियान बना जंग का मैदान
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में उस समय अफरातफरी मच गई जब नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इंदौर के साउथ तोड़ा इलाके में अवैध निर्माणों को ढहाने पहुंची टीम को स्थानीय लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। इस दौरान हालात इतने बिगड़े कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई। विवाद की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात एडिशनल DCP दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया, जिससे वह अपना संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर गए। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
50 दुकानों और 12 मकानों पर चला बुलडोजर
नगर निगम ने बुधवार को वार्ड नंबर 60 के साउथ तोड़ा क्षेत्र को निशाना बनाते हुए एक बड़े अभियान को अंजाम दिया। निगम का मुख्य उद्देश्य नाले के ऊपर किए गए अवैध कब्जे को हटाना और नदी के करीब 30 मीटर के दायरे को अतिक्रमण मुक्त करना था। इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए निगम प्रशासन ने भारी संसाधनों का उपयोग किया था। पूरे इलाके में पांच जेसीबी और तीन पोकलेन मशीनों को लगाकर अवैध ढांचों को ध्वस्त किया गया। निगम के 100 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए पुलिस बल की भी भारी तैनाती की गई थी, जिसमें 80 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान एसडीएम और तहसीलदार जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी निगरानी के लिए मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद हंगामा रुकने का नाम नहीं ले रहा था। कार्रवाई के तहत कुल 50 दुकानों और 12 से 13 पक्के मकानों को तोड़ दिया गया।
धक्का देकर गिराया तो पुलिस ने कसा शिकंजा
जैसे ही नगर निगम की मशीनों ने अवैध निर्माणों को गिराना शुरू किया, स्थानीय लोग भड़क गए और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। मामला तब और बिगड़ गया जब एडिशनल DCP दिशेष अग्रवाल भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति को संभालने के लिए आगे बढ़े। इसी बीच, भीड़ में शामिल एक युवक ने अधिकारी के साथ धक्कामुक्की की और उन्हें जोर का धक्का दिया, जिससे वे जमीन पर जा गिरे। इस हरकत के तुरंत बाद मौके पर तैनात पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी युवक को दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि हंगामे और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में कुल छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों और सरकारी कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैफिक पर भी हाईकोर्ट की कड़ी नजर
अतिक्रमण की इस घटना के बीच, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। इंदौर की बदहाल यातायात स्थिति पर हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी की है कि मैदान पर कोई सकारात्मक बदलाव नजर नहीं आ रहा है। हाईकोर्ट ने स्वयं अपने परिसर के बाहर गलत तरीके से दौड़ती और बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ चालान काटने से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा, क्योंकि शहर में सायरन और हूटर वाली गाड़ियों का आतंक और जाम की स्थिति जस की तस बनी हुई है। सरकार की ओर से कोर्ट को जानकारी दी गई कि शहर के प्रमुख चौराहों पर 660 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस जवानों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है, लेकिन कोर्ट ने इस पर असंतोष जताया है।
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