अब आम मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी पकड़ेंगी राजधानी जैसी रफ्तार, रेलवे की बड़ी तैयारी व्यापार 3 महीने पहले 53
रेलवे बोर्ड ने एक अहम योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जिसके तहत सैकड़ों मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे की जाएगी।

ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आने वाले दिनों में सिर्फ राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनें ही नहीं, बल्कि साधारण मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी पहले से कहीं ज्यादा तेज दौड़ती दिखाई दे सकती हैं। रेलवे बोर्ड ने एक महत्वाकांक्षी योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिसके अंतर्गत देश के प्रमुख मार्गों पर चलने वाली सैकड़ों ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 110 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे की जाएगी। इस कदम से यात्रियों का सफर और तेज तथा सुविधाजनक हो जाएगा।

रेलवे के अनुसार, इस योजना के दायरे में देशभर की करीब 350 से 400 लंबी दूरी की मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें लाई जाएंगी। इनमें वे ट्रेनें भी शामिल होंगी जिनमें पहले से ही आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगे हुए हैं। जर्मन तकनीक से तैयार किए गए ये कोच 160 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार झेलने में सक्षम माने जाते हैं।

टाइम-टेबल की समीक्षा में जुटा रेलवे

इस बड़े बदलाव को अमल में लाने के लिए रेलवे ने पूरे देश में टाइम-टेबल ऑडिट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में उन्हीं मुख्य रूटों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां ट्रैक अपग्रेडेशन, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और भारी रेल पटरियों से जुड़ा काम लगभग पूरा हो चुका है। रफ्तार बढ़ने का सबसे बड़ा लाभ सीधे यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि सफर में लगने वाला समय घटेगा और लोग कम अवधि में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। अनुमान है कि इस फैसले से हर साल 40 से 45 करोड़ यात्रियों को सीधा फायदा होगा।

राजधानी और वंदे भारत जैसी मिलेगी गति

अभी तक 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार मुख्य रूप से राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों तक ही सीमित रही है। लेकिन नई योजना लागू होने के बाद कई सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी इसी गति से दौड़ सकेंगी। इससे खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों का काफी समय बचेगा।

और आधुनिक होगा रेलवे नेटवर्क

रेलवे लगातार अपने नेटवर्क को आधुनिक स्वरूप देने में लगा हुआ है। हाई-स्पीड ट्रैक, बेहतर सिग्नलिंग सिस्टम, एलएचबी कोच और इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे प्रयासों के जरिए भारतीय रेलवे विश्वस्तरीय परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में यात्रियों को और तेज, सुरक्षित तथा अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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